ग्राम फंड में राशि जमा न कराने और नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन सख्त, एसडीओ सिविल करेंगे जांच
गन्नौर के पुगथला गांव की सरपंच पूनम को पंचायत भूमि के पट्टे में अनियमितताओं के चलते निलंबित कर दिया गया है। मामले की नियमित जांच के आदेश दिए गए हैं।
गन्नौर : गांव पुगथला की सरपंच पूनम को पंचायत भूमि के पट्टे में अनियमितताओं और पंचायत राशि को ग्राम फंड में जमा नहीं कराने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। उपायुक्त सोनीपत ने आदेश जारी करते हुए सरपंच को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगा।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं जांच अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, पंचायत की कुछ भूमि को स्वीकृत दर से कम राशि पर पट्टे पर देने का मामला सामने आया। रिपोर्ट में बताया गया कि प्लाट नंबर 4 और 12 से 16 को 25 लाख 53 हजार 498 रुपये की स्वीकृत राशि के मुकाबले 18 लाख 33 हजार 100 रुपये में पट्टे पर दिया गया।
इससे पंचायत को 7 लाख 20 हजार 398 रुपये के नुकसान का उल्लेख किया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि इन प्लाटों के पट्टे ग्राम सभा की बैठक में स्वीकृति से पहले ही किए गए। इसके अलावा प्लाट नंबर 20, 22 और 23 की 14 लाख 60 हजार 600 रुपये तथा प्लाट नंबर 4 और 12 से 16 की 18 लाख 33 हजार 100 रुपये की पट्टा राशि करीब सात महीने तक ग्राम फंड से बाहर रखी गई।
इस राशि पर 21 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के हिसाब से 4 लाख 85 हजार 243 रुपये का ब्याज भी निर्धारित किया गया है। जांच अधिकारी ने सरपंच से कुल 12 लाख 5 हजार 641 रुपये की वसूली की सिफारिश की है। इसमें अनधिकृत खेती से होने वाला नुकसान भी शामिल कर आगे व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसडीओ सिविल करेंगे नियमित जांच
आदेश के अनुसार गन्नौर के एसडीओ सिविल को नियमित जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें 30 दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश हैं। निलंबित सरपंच को तीन दिन के भीतर पंचायत के सभी रिकार्ड, पट्टा रजिस्टर, फार्म नंबर-4, नकद एवं चेक बुक समेत अन्य रिकार्ड पंचायत द्वारा बहुमत से चुने गए पंच को सौंपने होंगे।