केली कुंज विवाद के बीच सामने आई बड़ी जानकारी, पिछले 5 महीनों से इस गुप्त आश्रम में हैं महाराज
मथुरा के वृंदावन में रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बाद संत प्रेमानंद महाराज की मौजूदगी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। जानिए वे इस वक्त कहां हैं।
मथुरा के वृंदावन में रसिक दुलारी शरण दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद से लगातार कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। देश के अलग-अलग राज्यों से परिजन अपने लापता बच्चों की तलाश में अब मथुरा के आश्रमों का रुख कर रहे हैं। वहीं, आम जनता और श्रद्धालुओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज कहां हैं और वे केली कुंज आश्रम से जुड़े इस विवाद के बाद से अब तक मौन क्यों हैं? इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने पर यह स्पष्ट हुआ कि महाराज इस समय केली कुंज में नहीं हैं, बल्कि वे पिछले कई महीनों से यमुना नदी पार स्थित दूसरे आश्रम में निवास कर रहे हैं।
📍 प्रेमानंद महाराज के दो प्रमुख ठिकाने: केली कुंज और यमुना विहार कुंज (बेलवन) का पूरा सच
जानकारी के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज के मुख्य रूप से दो आश्रम हैं—पहला ‘केली कुंज’ जो मथुरा के वरघाट परिक्रमा मार्ग पर स्थित है, और दूसरा यमुना पार बेलवन क्षेत्र में स्थित ‘यमुना विहार कुंज’ है। इसके अलावा, शुरुआती दौर में रमणरेती स्थित कृष्णम अपार्टमेंट का एक फ्लैट भी उनका ठिकाना हुआ करता था, जहां से वे रात के वक्त ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी यात्रा पर निकलते थे। जब मीडिया और पड़ताल करने वाले लोग सच्चाई जानने के लिए यमुना विहार कुंज के पास पहुंचे, तो वहां महालक्ष्मी मंदिर के पास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और हाई-डिफ़िनिशन कैमरों का पहरा मिला।
🔒 शिष्यों ने की पुष्टि: पिछले पांच महीनों से बेलवन आश्रम में ही मौजूद हैं प्रेमानंद महाराज, पुलिस कर रही है तफ्तीश
रसिक दुलारी की मौत के बाद प्रेमानंद महाराज ने इसी यमुना विहार कुंज आश्रम से एक संदेश जारी कर इसे सांसारिक लीला बताया था और सभी से अपने भजन में मन लगाने की अपील की थी। वहां मौजूद शिष्यों से बातचीत करने पर इस बात की पूरी तस्दीक हो गई कि संत प्रेमानंद पिछले पांच महीनों से इसी बेलवन स्थित आश्रम में रह रहे हैं। फिलहाल, रसिक दुलारी की संदिग्ध मौत के इस मामले में मथुरा पुलिस की टीम पूरी मुस्तैदी से अपनी तफ्तीश और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।