भिवानी पुलिस ने आयोजित किया कैपेसिटी बिल्डिंग सेमिनार, अनुसंधान और साक्ष्य प्रबंधन का दिया प्रशिक्षण
भिवानी जिला पुलिस ने अधिकारियों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग सेमिनार आयोजित किया। इसमें वैज्ञानिक साक्ष्य प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया गया।
जिला पुलिस द्वारा शनिवार को एक दिवसीय विशेष ‘कैपेसिटी बिल्डिंग सेमिनार’ का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को वैज्ञानिक साक्ष्य प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान में दक्ष बनाना था। पुलिस अधीक्षक (एसपी) मयंक मिश्रा के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस सेमिनार में थानों के प्रबंधकों, पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) और अनुसंधान अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर हिस्सा लिया। सत्र के दौरान अपराध स्थल के सुरक्षित रखरखाव और वैज्ञानिक तरीकों से साक्ष्य जुटाने की बारीकियां सिखाई गईं।
🔬 गीता यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण: अपराध स्थल से लेकर कोर्ट तक साक्ष्य की अखंडता पर जोर
इस सेमिनार में पानीपत स्थित गीता यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ साइंसेज के डीन एवं फोरेंसिक साइंस प्रोफेसर प्रो. (डॉ.) जसकरण सिंह और असिस्टेंट प्रोफेसर साहिल शर्मा ने दो अलग-अलग बैचों में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया। प्रो. जसकरण सिंह ने अपराध स्थल से लेकर न्यायालय तक साक्ष्य की अखंडता, पहचान और वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण का महत्व समझाया। वहीं, साहिल शर्मा ने भौतिक, जैविक, डिजिटल और ट्रेस साक्ष्यों की पैकेजिंग, लेबलिंग, सीलिंग और ‘चेन ऑफ कस्टडी’ का सही रिकॉर्ड रखने के बारे में विस्तार से बताया।
📋 व्यावहारिक अभ्यास (सिमुलेशन) से समझी प्रक्रिया, एसपी मयंक मिश्रा ने बताई जांच की मजबूती
प्रशिक्षण के दौरान सिमुलेशन आधारित व्यावहारिक अभ्यास भी कराए गए, जिसमें पुलिसकर्मियों ने खुद साक्ष्यों की पहचान, संग्रहण और सुपुर्दगी की पूरी प्रक्रिया को हाथों-हाथ समझा। एसपी मयंक मिश्रा ने कहा कि आपराधिक मामलों की जांच में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कानूनी प्रक्रियाओं का सख्त पालन करना बेहद जरूरी है, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलती है।