हरदोई का हिस्ट्रीशीटर निकला झांसी का चर्चित ‘काली बाबा’, साधु वेश में चला रहा था दिव्य दरबार
झांसी में साधु वेश में दिव्य दरबार लगाने वाला 'काली बाबा' असल में हरदोई का हिस्ट्रीशीटर निकला है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से आस्था के नाम पर खिलवाड़ करने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। खुद को दिव्य शक्तियों का मालिक और भूत-भविष्य जानने का दावा करने वाले ‘काली बाबा’ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह तथाकथित बाबा असल में हरदोई का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है, जो अपनी पहचान छिपाकर झांसी के एक मंदिर में साधु के वेश में रह रहा था। उसने अपना नेटवर्क इस हद तक फैला लिया था कि देश के साथ-साथ दर्जनों विदेशी नागरिक भी उसके भक्त बन गए थे और ऑनलाइन-ऑफलाइन उसका दरबार सजता था।
🕵️♂️ लूट के मामलों में है भगोड़ा, हरदोई कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है प्रदीप शुक्ला उर्फ ‘काली सरकार’
पुलिस की छानबीन में सामने आया है कि इस फर्जी बाबा की असली पहचान हरदोई के कोतवाली थाना क्षेत्र के चौहान थोक निवासी प्रदीप शुक्ला उर्फ नटराज के रूप में हुई है। हरदोई पुलिस के मुताबिक यह वहां का खूंखार हिस्ट्रीशीटर बदमाश है और इसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। साल 2014 के लूट के एक मामले में अदालत ने इसे भगोड़ा घोषित कर रखा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए यह झांसी के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के कुरैचा गांव स्थित ‘काली सरकार मंदिर’ में छिपकर रहने लगा था और खुद को सत्येंद्र शुक्ला बताकर लोगों को ठग रहा था।
📱 इंस्टाग्राम पर थे 1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स, हरदोई और झांसी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुआ पर्दाफाश
आरोपी प्रदीप शुक्ला सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और इंस्टाग्राम पर उसके 1 लाख से अधिक फॉलोअर्स थे। वह सोशल मीडिया के माध्यम से शुक्रवार, शनिवार और रविवार को ऑनलाइन दिव्य दरबार लगाता था, जबकि बुधवार को लोकल लोगों के लिए मंदिर में ऑफलाइन दरबार सजाता था। नवरात्रि के चलते उसने दरबार बंद करने की घोषणा की थी, इसी बीच हरदोई और झांसी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसकी असली हकीकत का पर्दाफाश कर दिया और उसे धर दबोचा। पुलिस अब आरोपी को अपने साथ ले जाकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।