‘म्हारी सड़क’ ऐप पर शिकायत का 10 दिन में होगा समाधान, सीएम नायब सिंह सैनी के सख्त निर्देश
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 'म्हारी सड़क' ऐप पर मिलने वाली शिकायतों का 10 दिन के भीतर अनिवार्य समाधान करने और खराब निर्माण पर अधिकारियों पर गाज गिराने के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा में खराब सड़कों और गड्ढों की समस्या से आम जनता को राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। अब ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर आने वाली शिकायतों को किसी भी हाल में लंबित नहीं रखा जा सकेगा और 10 दिन के भीतर उनका निस्तारण करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समय से पहले सड़क खराब होने पर संबंधित निगरानी अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी और उसकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा।
📱 पारदर्शिता के लिए सार्वजनिक होंगे अधिकारियों के मोबाइल नंबर: निर्माण स्थलों पर बोर्ड लगाना हुआ अनिवार्य
सड़क निर्माण के दौरान घटिया सामग्री या धांधली रोकने के लिए निर्माण स्थल पर ही संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे, ताकि जनता तुरंत शिकायत दर्ज करा सके। इसके अलावा, हर निर्माण स्थल पर एक सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, जिस पर कार्यदायी एजेंसी का नाम, निर्माण पूरा होने की तिथि, डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (DLP) और अधिकारियों के संपर्क विवरण दर्ज होंगे। कॉलोनाइजरों द्वारा बसाई गई कॉलोनियों में भी सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी कॉलोनाइजर की ही होगी; ऐसा न करने पर प्रशासन खुद मरम्मत कराकर उसकी लागत कॉलोनाइजर से वसूलेगा।
🛣️ हर जिले में बनेगी एक मॉडल रोड, गुरुग्राम में 10 आइकॉनिक सड़कें होंगी तैयार: 63 हजार किमी सड़कों की GIS मैपिंग पूरी
प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नया रूप देने के लिए हर जिले में एक मॉडल रोड विकसित की जाएगी, जबकि गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरों में सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान रहेगा। अकेले गुरुग्राम में स्मार्ट लाइट्स, हरियाली, नो-स्मोकिंग जोन और व्हीलचेयर फ्रेंडली सुविधाओं के साथ 10 ‘आइकॉनिक सड़कें’ तैयार की जाएंगी। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य की 63,621 किलोमीटर सड़कों की जीआईएस (GIS) मैपिंग पूरी हो चुकी है, जिसे सीधे जेई और एसडीओ स्तर से जोड़ा गया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 7,352 किलोमीटर सड़कों के सुधार कार्य को भी हरी झंडी दे दी गई है।