क्या यूट्यूबर ध्रुव राठी को नोएडा पुलिस ने कर लिया गिरफ्तार? जानें वायरल वीडियो की पूरी सच्चाई
सोशल मीडिया पर यूट्यूबर ध्रुव राठी की गिरफ्तारी की खबर तेजी से वायरल हो रही है। नोएडा पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह से भ्रामक और असत्य करार दिया है।
नोएडा। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के दिल्ली स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रोटेस्ट के बीच सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से जंगल की आग की तरह फैल गई। दावा किया गया कि जर्मनी से भारत आए मशहूर यूट्यूबर और इंफ्लुएंसर ध्रुव राठी को इस बार दिल्ली पुलिस ने नहीं, बल्कि नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यूट्यूब पर 30 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर्स वाले ध्रुव राठी की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही इंटरनेट पर सनसनी फैल गई। हालाँकि, अब नोएडा पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है और इस खबर को पूरी तरह से झूठा, भ्रामक और निराधार करार दिया है।
📢 नोएडा पुलिस का आधिकारिक बयान: ‘गिरफ्तारी की खबर पूरी तरह असत्य, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई’
मामले की गंभीरता को देखते हुए नोएडा पुलिस ने तत्काल स्पष्टीकरण जारी किया। पुलिस की ओर से कहा गया, “कतिपय सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा ’नोएडा पुलिस द्वारा ध्रुव राठी को गिरफ्तार किए जाने’ संबंधी सूचना/पोस्ट प्रसारित की जा रही है। उक्त सूचना पूर्णतः असत्य, भ्रामक व निराधार है। नोएडा पुलिस द्वारा ध्रुव राठी की कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। जनसामान्य से अपील है कि ऐसे भ्रामक एवं अपुष्ट संदेशों का प्रसार न करें। भ्रामक, असत्य अथवा अफवाह फैलाने वाली सामग्री का प्रसार करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी पोस्ट को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर कर लें।
🏛️ 10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने लिया था हिरासत में, CJP के मुख्य चुनाव आयुक्त विरोधी प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
आपको बता दें कि ध्रुव राठी हाल ही में जर्मनी से भारत आए हैं और वे देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। इससे पहले 8 अक्टूबर को उन्होंने बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में भाग लिया था, जिसके बाद 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर घोषित प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए वे दिल्ली-गुरुग्राम पहुँचे थे। 10 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस ने उन्हें गुरुग्राम स्थित आवास से हिरासत में लिया था और लगभग 20-22 घंटे हिरासत में रखने के बाद रिहा किया था। उसी घटनाक्रम के आधार पर अब फर्जी वीडियो का सहारा लेकर नोएडा पुलिस द्वारा दोबारा गिरफ्तारी का झूठा दावा फैलाया जा रहा था।