Illegal Detention Case Noida: एसीपी और जांच अधिकारी पर कोर्ट की नाराजगी, सेवा पुस्तिका में दर्ज होगी टिप्पणी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध हिरासत के मामले में यूपी पुलिस को लगाई फटकार। नोएडा के एसीपी और जांच अधिकारी के खिलाफ सेवा पुस्तिका में दर्ज होगी नाराजगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को गिरफ्तारी से पहले अवैध रूप से हिरासत में लेने के गंभीर मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस खुद ही अपना कानून चला रही है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने नोएडा के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) कमलेश कांत और जांच अधिकारी अनुज कुमार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की प्रक्रियाओं से पूरी तरह अनभिज्ञ करार दिया और कानूनी आवश्यकताओं के प्रति उनके बेहद लापरवाह रवैये की कड़ी आलोचना की।
🏛️ डीजीपी से बेहतर प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने का अनुरोध: नागरिक स्वतंत्रताओं के प्रति संवेदनशील बनने के निर्देश
हाईकोर्ट ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) से एक बेहतर और प्रभावी प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने का औपचारिक अनुरोध किया है, ताकि पुलिस अधिकारियों को नागरिकों की स्वतंत्रताओं के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके और उन्हें किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने या हिरासत में लेने से पहले अनिवार्य कानूनी प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी हो सके। कोर्ट ने सात अक्टूबर को दिए अपने फैसले में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार करते हुए पुलिस हिरासत को गैरकानूनी करार दिया और याचिकाकर्ता को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया।
📄 दस्तावेजों में हेराफेरी और खाली कागज पर हस्ताक्षर का मामला: सेवा पुस्तिका में दर्ज होगी कोर्ट की नाराजगी
सुनवाई के दौरान सामने आया कि एफआईआर दर्ज होने से पहले ही याचिकाकर्ता पुलिस हिरासत में था और बाद में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार दिखाया गया। कोर्ट ने पाया कि दस्तावेजों में गंभीर गलतियां थीं और याचिकाकर्ता के हस्ताक्षर पहले ही एक खाली कागज पर ले लिए गए थे ताकि गिरफ्तारी के आधार बाद में भरे जा सकें। अदालत ने राज्य सरकार की इस दलील को खारिज कर दिया कि तनावपूर्ण स्थिति के कारण यह कदम उठाया गया था। इसके साथ ही कोर्ट ने एसीपी कमलेश कांत और जांच अधिकारी अनुज कुमार के खिलाफ अपनी नाराजगी को उनकी आधिकारिक सेवा पुस्तिका (Service Book) में दर्ज करने का भी निर्देश दिया है।