गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को मिला पैरलल पावर लाइसेंस, ऊर्जा मंत्री अनिल विज देंगे चुनौती
HERC ने 11 Power को गुरुग्राम और नूंह में 25 वर्षों के लिए पैरलल बिजली वितरण लाइसेंस दिया। उपभोक्ताओं को मिलेगा विकल्प, सरकार देगी फैसले को चुनौती।
चंडीगढ़। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) ने 19 अक्तूबर को एक ऐतिहासिक आदेश जारी करते हुए इलैवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह राजस्व जिलों के लिए 25 वर्षों की अवधि हेतु पैरलल डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस प्रदान किया है। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-14 के तहत जारी यह लाइसेंस राज्य का पहला और देशभर में दिए गए चुनिंदा समानांतर लाइसेंसों में से एक है। इस फैसले के बाद गुरुग्राम, मानेसर, सोहना और नूंह क्षेत्र के 8.3 लाख से अधिक उपभोक्ताओं (घरेलू, कृषि, व्यावसायिक और औद्योगिक) को अब अपनी सुविधानुसार दो बिजली वितरक कंपनियों में से किसी एक को चुनने का विकल्प मिलेगा। इलैवन के चेयरमैन सुनील सचदेवा ने इसे उपभोक्ताओं के लिए ऐतिहासिक पल बताते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं नवीकरणीय बिजली आपूर्ति का भरोसा दिया है।
🏛️ हरियाणा सरकार आयोग के फैसले के खिलाफ जाएगी कोर्ट: ऊर्जा मंत्री अनिल विज बोले- APTEL में दी जाएगी चुनौती
दूसरी ओर, राज्य सरकार ने आयोग के इस फैसले पर कड़ा रुख अपनाया है। हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए जानकारी दी कि सरकार इस निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने के आदेश से सहमत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार विद्युत नियामक आयोग के इस आदेश के खिलाफ विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) में अपील दायर करेगी और इसे कानूनी रूप से चुनौती देने की पूरी तैयारी की जा रही है। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में वित्त वर्ष 2030-31 तक बिजली की वार्षिक बिक्री 18,224 मिलियन यूनिट तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।