गाजियाबाद के गुलमोहर ग्रींस में अवैध निर्माण पर बुलडोजर का आदेश, टावर 27 और 28 होंगे जमींदोज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद की गुलमोहर ग्रींस सोसाइटी में अवैध निर्माण पर सख्त रुख अपनाते हुए टावर 27-28 को ढहाने और बिल्डर पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया है।
गाजियाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के मोहन नगर स्थित गुलमोहर ग्रींस आवासीय सोसाइटी (95 कटोरी मिल, मोहन नगर, साहिबाबाद) में हुए अवैध निर्माण पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने सोसाइटी के टावर नंबर 27 और 28 को पूरी तरह से जमींदोज करने तथा टावर संख्या 16, 17, 18 और 19 की 9वीं व 10वीं मंजिल को ढहाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
यह बड़ा फैसला जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सुधांशु चौहान की दोहरी पीठ ने गुलमोहर ग्रींस के फ्लैट मालिकों व निवासियों द्वारा कंपाउंडिंग आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया। हाईकोर्ट ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) को निर्देश दिए हैं कि अगले 2 महीने के भीतर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही, इस कार्रवाई में आने वाला संपूर्ण खर्च प्रमोटर (बिल्डर) से भू-राजस्व बकाया के रूप में वसूला जाएगा।
📜 2005 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट, 20 साल बाद भी अधर में लटकी सुविधाएं: हाईकोर्ट की गंभीर टिप्पणी
अदालत ने अपने विस्तृत 95 पन्नों के आदेश में प्रमोटर और अधिकारियों की घोर लापरवाही पर सख्त टिप्पणी की।
-
20 साल से अधूरा काम: कोर्ट ने कहा कि यह हाउसिंग प्रोजेक्ट वर्ष 2005 में शुरू हुआ था, लेकिन 20 साल बीत जाने के बावजूद इसे पूरा नहीं किया गया।
-
यूपी अपार्टमेंट एक्ट का उल्लंघन: यूपी अपार्टमेंट एक्ट 2010 के तहत कंप्लीशन सर्टिफिकेट (CC) प्राप्त करने की प्राथमिक जिम्मेदारी प्रमोटर की थी, जिसका उसने खुले तौर पर उल्लंघन किया।
👮♂️ निष्पक्ष जांच न करने पर इंस्पेक्टर निलंबित, GDA के तत्कालीन वीसी के खिलाफ अनुशासनात्मक जांच के निर्देश
हाईकोर्ट ने मामले में पुलिस और प्रशासनिक लापरवाही पर भी कड़ा एक्शन लिया है:
-
इंस्पेक्टर सस्पेंड: मामले में निष्पक्ष जांच न करने के दोषी पाए गए इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
-
तत्कालीन वीसी पर गाज: अवैध निर्माण को हरी झंडी देने के मामले में राज्य सरकार को आदेश दिया गया है कि 18 दिसंबर 2024 को तीसरा कंपाउंडिंग मैप मंजूर करने वाले GDA के तत्कालीन उपाध्यक्ष (VC) के खिलाफ 1 महीने के भीतर अनुशासनात्मक जांच शुरू की जाए।
💰 बिल्डर पर 25 लाख का भारी जुर्माना, 10% ब्याज के साथ खरीदारों का पैसा लौटाने के आदेश
अदालत ने प्रमोटर (बिल्डर) पर 25 लाख रुपये का हर्जाना लगाया है, जिसे 1 महीने के भीतर गुलमोहर ग्रींस रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के खाते में जमा कराना अनिवार्य होगा।
-
कॉमन एरिया की बिक्री का पैसा वापस: कोर्ट ने प्रमोटर को निर्देश दिया है कि निर्णय में उल्लिखित 85 खरीदारों को बेचे गए कॉमन एरिया की कुल बिक्री राशि लौटाई जाए।
-
10% वार्षिक ब्याज: यह पूरी राशि निर्माण लागत और भुगतान की तिथि से 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ संबंधित खरीदारों को वापस करनी होगी।