यमुना एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा कार्रवाई! ओवरस्पीडिंग पर कटे 3,116 चालान, जानिए किस रूट पर कितना लगा जुर्माना

उत्तर प्रदेश में ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए चलाए गए 'ऑपरेशन सेफ स्पीड' के तहत 6,777 चालान कर ₹1.38 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया गया।

उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे और प्रमुख राजमार्गों पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों और यातायात नियमों की धज्जियाँ उड़ाने वालों के खिलाफ पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में विशेष ‘ऑपरेशन सेफ स्पीड’ चलाया जा रहा है।

इस विशेष अभियान के तहत 26 और 28 अक्टूबर को राज्य भर के विभिन्न एक्सप्रेसवे और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर एक साथ सघन चेकिंग अभियान संचालित किया गया। दो चरणों में हुई इस बड़ी कार्रवाई के दौरान कुल 6,777 वाहनों के चालान किए गए और 1 करोड़ 38 लाख 32 हजार 500 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना दर्ज किया गया।

👮‍♂️ डीजीपी राजीव कृष्ण की पहल पर एडीजी ट्रैफिक ए. सतीश गणेश ने संभाली कमान

उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण की विशेष पहल पर यातायात निदेशालय के माध्यम से अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), यातायात ए. सतीश गणेश द्वारा इस अभियान को पूरे प्रदेश में अमलीजामा पहनाया जा रहा है।

  • इंटरसेप्टर वाहनों से निगरानी: अभियान के अंतर्गत चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स और प्रमुख एक्सप्रेसवे पर हाई-टेक इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती की गई है।

  • सख्त कार्रवाई: निर्धारित गति सीमा (Speed Limit) का उल्लंघन करने वाले वाहनों की डिजिटल निगरानी की जा रही है और ओवरस्पीडिंग करने वाले चालकों के खिलाफ मौके पर ही नियमानुसार ई-चालान व दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।

🛣️ यमुना एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा कार्रवाई: कटे 3,116 चालान, दिल्ली-देहरादून दूसरे स्थान पर

‘ऑपरेशन सेफ स्पीड’ के दौरान सबसे ज्यादा चालान और जुर्माना यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्ज किया गया। दूसरे स्थान पर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे रहा, जहाँ बड़ी संख्या में वाहन चालक रफ्तार की सीमा लांघते पकड़े गए।

📊 एक्सप्रेसवे और प्रमुख राजमार्गों पर हुई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा:
  • 🚘 यमुना एक्सप्रेसवे: 3,116 चालान — ₹66.98 लाख जुर्माना

  • 🛣️ दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: 1,289 चालान — ₹24.18 लाख जुर्माना

  • 🚗 लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे: 537 चालान — ₹11.82 लाख 50 हजार जुर्माना

  • 🚦 गंगा एक्सप्रेसवे: 553 चालान — ₹9.40 लाख जुर्माना

  • 🚙 दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: 497 चालान — ₹9.94 लाख जुर्माना

  • 🛣️ पूर्वांचल एक्सप्रेसवे: 348 चालान — ₹6.96 लाख जुर्माना

  • 🚛 ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे: 214 चालान — ₹4.28 लाख जुर्माना

  • 🚗 बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे: 103 चालान — ₹2.28 लाख जुर्माना

  • 🛣️ गोरखपुर-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे: 90 चालान — ₹1.88 लाख जुर्माना

  • 🚚 कानपुर-वाराणसी हाईवे: 30 चालान — ₹60 हजार जुर्माना

🛑 हादसों को रोकना और स्पीड लिमिट का पालन कराना मुख्य उद्देश्य

यातायात निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार, तेज रफ्तार से वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं के सबसे प्रमुख और जानलेवा कारकों में से एक है। वाहन की गति अधिक होने पर आपात स्थिति में नियंत्रण पाना बेहद कठिन हो जाता है, जिससे हादसों का स्वरूप गंभीर हो जाता है।

इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य केवल जुर्माने की राशि वसूलना नहीं, बल्कि चालकों के भीतर गति सीमा का कड़ाई से पालन करने के प्रति जागरूकता, अनुशासन और जिम्मेदारी का अहसास विकसित करना है। ‘ऑपरेशन सेफ स्पीड’ के माध्यम से पूरे प्रदेश में सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाने का प्रयास जारी रहेगा।

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