यूपी चुनाव: अखिलेश यादव के विधानसभा चुनाव न लड़ने पर भड़के चिराग पासवान, बोले— ‘हार के डर से मैदान छोड़ रहे सेनापति’
यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के चुनाव न लड़ने के ऐलान पर चिराग पासवान का तंज, कहा— हार के डर से महल में बैठना चाहते हैं सेनापति।
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल बेहद तेज हो गई है। चुनावों की सुगबुगाहट के बीच नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर भी शुरू हो चुका है। इसी बीच समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यह ऐलान करके सबको चौंका दिया है कि वह इस बार का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि सीधे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके इस चुनाव न लड़ने के फैसले पर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें अपनी हार का डर सता रहा है और उनका यह फैसला काफी ‘अटपटा’ है।
🎯 “सेनापति रण में नहीं जाएगा तो क्या करेगा?”; चिराग पासवान का अखिलेश पर तंज
वाराणसी में बयान और प्रतिक्रिया:
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अटपटा फैसला: वाराणसी पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अखिलेश यादव के विधानसभा चुनाव में न उतरने के बयान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह निर्णय उन्हें पूरी तरह अटपटा लगा है।
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रणक्षेत्र की मिसाल: चिराग ने कहा, “चुनाव लड़ना आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप उस सेनापति की भूमिका निभाएं जो रणक्षेत्र में सबसे आगे बढ़कर अपने सैनिकों का मार्गदर्शन करता है, न कि महल में बैठकर अपने सैनिकों को लड़ता देखता रहे।”
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हार का डर: चिराग ने दावा किया कि अखिलेश यादव को हार का पूरा डर है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में झूठे नैरेटिव और संविधान-आरक्षण के खतरे का डर दिखाकर उन्होंने वोट जरूर हासिल कर लिए थे, लेकिन महाराष्ट्र की तरह यूपी की जनता भी विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) को भारी बहुमत से जिताने का काम करेगी।
🤝 “अगर गठबंधन नहीं हुआ, तो यूपी की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी एलजेपी”
गठबंधन और सीटों पर रणनीति:
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गठबंधन पर स्थिति: आगामी चुनाव से पहले सहयोगी दलों के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर बात करते हुए चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हुई है।
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सभी सीटों पर तैयारी: उन्होंने दो टूक कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में आपसी सहमति से कोई मजबूत गठबंधन नहीं बन पाया, तो उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
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सपा प्रमुख का तर्क और इतिहास:
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चुनावी बयान: इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मजाकिया अंदाज में कहा था, “हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब चुनाव नहीं लड़ते हैं। इसलिए वही करेंगे जो हमारे लिए सबसे शुभ होगा।”
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साल 2012 की पुनरावृत्ति: उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2012 में भी वे लोकसभा सांसद रहते हुए सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे और इस बार भी वे लोकसभा सदस्य रहते हुए ही सीधे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। जब मीडिया ने उनसे पूछा कि सपा वाराणसी में किस सीट से चुनाव लड़ेगी, तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “तुम ही सीट बता दो।”