DTH vs OTT: भारत में खत्म हो रहा है DTH का क्रेज? 1 साल में 70 लाख से ज्यादा लोगों ने छोड़ा साथ; जानें क्यों खाली हो रहा है सेट-टॉप बॉक्स

TRAI की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में DTH सब्सक्राइबर्स की संख्या में 12.4% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। सस्ते इंटरनेट, स्मार्ट टीवी और OTT प्लेटफॉर्म्स (Netflix, Hotstar) के कारण लोग अब सेट-टॉप बॉक्स हटा रहे हैं। जानें टाटा प्ले और एयरटेल जैसे दिग्गजों के लिए कितनी बड़ी है ये चुनौती।

पहले आए केबल वाले भईया और फिर केबल की जगह बड़े प्लेयर्स की DTH (डायरेक्ट-टू-होम) सर्विस ने ले ली… वो कहते हैं न कोई न कोई किसी की जगह ले ही रहा है. जिस तरह से डीटीएच ने केबल की जगह ली, उसी तरह से अब डीटीएच की भी जगह लेने वाला कोई मार्केट में आ गया है. पिछले पांच सालों में, हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड एक्सेस के बड़े पैमाने पर होने की वजह से DTH (डायरेक्ट-टू-होम) ऑपरेटरों के बिज़नेस में गिरावट आई है.

नए और ज्यादा सस्ते OTT (ओवर-द-टॉप) प्लेटफॉर्म आ गए हैं, अर्फोडेबल कीमत में जब लोगों को ओटीटी ऐप्स का एक्सेस मिल रहा है तो कोई क्यों नहीं लेना चाहेगा. यही वजह है कि ओटीटी के आने से DTH इंडस्ट्री को जोरदार झटका लगा है क्योंकि ओटीटी ने लोगों को डीटीएच से दूर कर दिया है. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि मनोरंजन की दुनिया में इस बड़े बदलाव की सबसे बड़ी वजह ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का बढ़ता दबदबा और इंटरनेट की सस्ती पहुंच है. इससे एक बात तो साफ है कि लोगों का टेस्ट (लोगों के देखने का नजरिया) बदल गया है.

1 साल में इतने घट गए DTH सब्सक्राइबर्स

टेलीकॉम टॉक की रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (TRAI) की हाल ही में पब्लिश हुई एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2025 की तिमाही में भारत में DTH सब्सक्राइबर बेस में लगातार कमी आई है. इस तिमाही में कुल सब्सक्राइबर बेस में साल-दर-साल के हिसाब से 12.4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है जिसके बाद अब सब्सक्राइबर बेस 50.99 मिलियन हो गया है.

31 दिसंबर 2024 तक एक्टिव सब्सक्राइबर बेस 58.22 मिलियन था. मार्च 2025 में सब्सक्राइबर बेस घटकर 56.92 मिलियन और जून 2025 में घटकर 56.07 मिलियन हो गया. साल के दूसरी छमाही में गिरावट और तेज हो गई, सितंबर में यह संख्या घटकर 52.78 मिलियन और दिसंबर 2025 के आखिर तक 50.99 मिलियन हो गई. साल-दर-साल आधार पर, इस सेक्टर ने 7 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर खो दिए हैं.

OTT बनाम DTH

नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम और डिज़नी+ हॉटस्टार जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स लोगों को ओरिजिनल कंटेंट ऑफर करते हैं. जैसे कि लोगों को इन प्लेटफॉर्म्स पर लेटेस्ट वेब सीरीज और एक्सक्लूसिव मूवीज मिलती है जिन्होंने लोगों को इस ओर स्विच किया है और लोग डीटीएच के पारंपरिक सीरियल्स से दूर हो गए हैं.

स्मार्ट टीवी और सस्ता इंटरनेट

भारत में ब्रॉडबैंड और सस्ते मोबाइल डेटा ने स्मार्ट टीवी के इस्तेमाल को बढ़ा दिया जिससे डीटीएच सेट-टॉप बॉक्स की जरूरत कम हो गई क्योंकि अब लोग एक ही डिवाइस पर लाइव टीवी और ऐप्स (YouTube, Prime Video) दोनों की सुविधा वाले विकल्प तलाश रहे हैं.

DTH इंडस्ट्री के सामने हैं ये चुनौतियां

  • ग्राहकों की कमी
  • महंगे टैरिफ
  • प्रतिस्पर्धा

किस DTH प्लेयर के पास सबसे ज्यादा मार्केट शेयर?

31.08 फीसदी से ज्यादा मार्केट शेयर के साथ Tata Play सबसे आगे है, इसके बाद भारती टेलीमीडिया 28.53 फीसदी मार्केट शेयर के साथ दूसरे नंबर पर है. इसके बाद सन डायरेक्ट और डिश टीवी हैं जिनका मार्केट शेयर 21.17 फीसदी और 19.22 फीसदी है.

DTH के लिए भुगतान करने वाले सब्सक्राइबर बेस के तेजी से कम होने की उम्मीद है क्योंकि अब ज्यादा लोगों के पास हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और लेटेस्ट स्मार्टफोन्स है. टीवी के लिए भी, लोग अब लाइव स्पोर्ट्स या अपने पसंदीदा टीवी शो और फिल्में देखने के लिए सिर्फ OTT प्लेटफॉर्म सब्सक्राइब करना पसंद कर रहे हैं. इसका मतलब है कि DTH प्लेयर्स को नए कस्टमर्स को अट्रैक्ट करने और मौजूदा कस्टमर्स को बनाए रखने का कोई नया तरीका ढूंढना होगा.

IPTV सर्विस के साथ ग्राहकों को लुभा रही कंपनियां

भारती एयरटेल जैसे प्लेयर्स ब्रॉडबैंड सर्विस के साथ ग्राहकों को लुभाने के लिए IPTV (इंटरनेट प्रोटोकॉल टीवी) सर्विस ऑफर कर रहे हैं. IPTV सब्सक्राइबर बेस की बात करें तो इस सेगमेंट में Airtel के पास 2.54 मिलियन सब्सक्राइबर के साथ सबसे बड़ा एक्टिव बेस था. इस सेगमेंट में, Reliance Jio भी बड़े पैमाने पर फैले फाइबर और एयर फाइबर ब्रॉडबैंड बिजनेस के साथ आगे बढ़ने का लक्ष्य बना रहा है.

जो लोग IPTV (इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविज़न) के बारे में नहीं जानते, उन लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि इसमें ट्रेडिशनल केबल या सैटेलाइट के बजाय इंटरनेट कनेक्शन की मदद से टीवी पर कंटेंट दिखाया जाता है.

DTH कंपनियों की कमाई पर असर

कम होते डीटीएच सब्सक्राइबर की वजह से DTH कंपनियों को ऐड से होने वाली कमाई का नुकसान होगा. ब्रैंड्स नए कस्टमर को खींचने के लिए ऐड पर पैसा खर्च करने के लिए OTT प्लेटफॉर्म, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो जाएंगे.

क्या कर रहे डीटीएच ऑपरेटर?

इस गिरावट को रोकने के लिए अब कंपनियां ऐसे प्लान लेकर आ रही हैं जिनके साथ लोगों को लाइव टीवी चैनल, ओटीटी, ब्रॉडबैंड सबकुछ एक ही प्लान में मिल रहा है.

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