Agra News: कौन है आगरा का आदर्श? नौसेना में लांस नायक पर लगा पाकिस्तान के लिए जासूसी का आरोप

उत्तर प्रदेश एटीएस ने आगरा से एक युवक को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. यह नौसेना में लांस नायक था.

यूपी एटीएस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में एक युवक को आगरा से गिरफ्तार किया है. पकड़ा गया आरोपी भारतीय नौसेना में लांस नायक के पद पर तैनात बताया जा रहा है. आरोप है कि वह आईएसआई को संवेदनशील सैन्य जानकारी मुहैया करा रहा था.

आरोपी की पहचान आदर्श कुमार उर्फ लकी 24 वर्ष के रूप में हुई है. वह उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के कागरौल थाना क्षेत्र के चीतपुर गांव का निवासी है. आदर्श वर्तमान में भारतीय नौसेना के कोच्चि के दक्षिणी नेवल कमांड में लांस नायक के पद पर तैनात था. मामला सामने आने पर आरोपी के गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. जब एटीएस की कार्रवाई की जानकारी लोगों को मिली तो गांव के लोग हैरान रह गए. पड़ोसियों के मुताबिक आदर्श करीब सात साल पहले भारतीय नौसेना में भर्ती हुआ था. हाल ही में 19 फरवरी को उसकी शादी मथुरा की एक युवती से हुई थी. शादी के बाद आदर्श अपनी पत्नी के साथ हनीमून मनाने दुबई गया था.

जासूसी का खुलासा कैसे हुआ?

एटीएस को खुफिया सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति पाकिस्तान स्थित आईएसआई एजेंटों के संपर्क में है और भारत की संवेदनशील सैन्य जानकारियां साझा कर रहा है. लंबे समय से चल रही जांच में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, भौतिक निगरानी और अन्य तकनीकी साधनों के आधार पर आदर्श कुमार का नाम सामने आया. जांच में पाया गया कि आदर्श ने आईएसआई के पाकिस्तान स्थित हैंडलर को भारतीय युद्धपोतों की गोपनीय तस्वीरें और लोकेशन जैसी रणनीतिक महत्व की जानकारी भेजी थी. इन जानकारियों के बदले उसके बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए थे. आरोपी ने डिजिटल माध्यमों से संवेदनशील नौसैनिक संपत्तियों की डिटेल्स साझा कीं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती थीं.

फॉरेंसिक जांच से जासूसी के प्रमाण मिले

एटीएस ने आगरा के कागरौल क्षेत्र से आदर्श को दबोच लिया. उसके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज की फॉरेंसिक जांच से जासूसी के प्रमाण मिले. आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया.

एजेंसियां इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि क्या आदर्श हनीट्रैप का शिकार हुआ था. दरअसल, आगरा से ही एक साल पहले 2025 में Ordnance Factory के एक कर्मचारी रविंद्र कुमार को इसी तरह के हनीट्रैप मामले में गिरफ्तार किया गया था, जो गगनयान प्रोजेक्ट और ड्रोन संबंधी गोपनीय दस्तावेज ISI को भेज रहा था. जांचकर्ताओं को शक है कि आदर्श का मामला भी इसी पैटर्न पर आधारित हो सकता है.

एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब इस जासूसी नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुटी हैं. पूछताछ में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस साजिश में और लोग शामिल हैं? क्या कोई बड़ा रैकेट सक्रिय है? आरोपी ने कितनी और कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारी साझा की?

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