LPG Price Hike: कॉमर्शियल सिलेंडर ₹195 महंगा, अब दिल्ली में ₹2078 के पार

ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम ₹195.50 बढ़े। दिल्ली में अब कीमत ₹2078.50 हुई। जानें ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों पर इसका क्या असर पड़ेगा।

अमेरिका-इजराइल और ईरान में युद्ध के कारण एनर्जी सप्लाई चेन में रुकावट आने के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतें करीब 50 प्रतिशत बढ गई हैं. इसी कारण बुधवार को कॉमर्शियल LPG की कीमतों में 195.50 रुपए की बढ़ोतरी की गई है. इसके बाद दिल्ली में कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 2078.50 पैसे हो गई है. एक मार्च को भी 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 114.50 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी. कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों के बढ़ने का सीधा असर ढाबे, रेस्टोरेंट और होटलों पर पड़ेगा. ऐसी उम्मीद जताई जा रही कि ढाबा और रेस्टोरेंट संचालक खाने के रेट भी बढ़ा देंगे, जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा.

दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में फेमस राजमा चावल की प्रसिद्ध ‘ढाबा फूड’ के नाम से दुकान चलाने वाले दीपक का कहना है कि पहले से ही कॉमर्शियल सिलेंडर मिलना बहुत मुश्किल हो गया था. इसी वजह से उन्होंने अपने दुकान पर छोले भटूरे बेचना बंद कर दिया है. ग्राहक काफी कम आते हैं और अब कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से उनकी लागत में भी काफी इजाफा होगा. इस कारण उन्हें भी अपने खाने-पीने के दामों में इजाफा करना पड़ेगा. दीपक का कहना है कि लगभग एक महीने में 40% से ज्यादा व्यापार में कमी आई है.

कनॉट प्लेस में ही ‘जैन’ के नाम से खाने-पीने के बड़े रेस्टोरेंट के मालिक मनिंदर सिंह का कहना है कि ₹3000 से ज्यादा का ब्लैक का सिलेंडर लेना पड़ रहा था. आधे से कम सिलेंडर मिल रहा था. अब अगर सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है तो आगे उन्हें और रेस्टोरेंट संचालकों को अपने खाने-पीने के दाम में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है.

बड़े रेस्टोरेंट के साथ ही रिहेड़ी-पटरी पर खाना बेचने वाले भी कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट बढ़ने से काफी परेशान है. मिंटो रोड पर खाने की दुकान लगाने वाले सचिन का कहना है कि वह ब्लैक में सिलेंडर खरीद रहे थे, जो काफी महंगा पड़ता था. सिलेंडर बुक करने के बाद भी कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहा और अब 300 से ज्यादा रुपए एक महीने में कॉमर्शियल सिलेंडर पर बढ़ा दिए गए हैं. ऐसे में मजबूरी में उन्हें भी खाने के रेट बढ़ाने पड़ेंगे, लेकिन ग्राहक ज्यादा पैसे देने को तैयार नहीं होता. इसलिए बिजनेस में नुकसान हो रहा है. ग्राहक दूकान पर कम आ रहे हैं. ग्राहकों को भी ज्यादा पैसा देना पड़ रहा है. इन सबका जिम्मेदार ये युद्ध है.

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