Greater Noida Factory Fire Audit: इलजिन इलेक्ट्रॉनिक्स में दीवार गिरने का कारण घटिया निर्माण, PWD ने सौंपी रिपोर्ट
ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 स्थित इलजिन इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी हादसे में PWD की जांच रिपोर्ट आई। मानकों के बिना बनी इमारत और घटिया कंक्रीट के चलते गिरी दीवार।
ग्रेटर नोएडा: औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-3 स्थित इलजिन इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी की इमारत का निर्माण तय मानकों के अनुसार नहीं किया गया था। लोक निर्माण विभाग (PWD) की तकनीकी जांच में इस गंभीर लापरवाही का खुलासा हुआ है। PWD की टीम ने कंपनी का स्ट्रक्चरल ऑडिट (Structural Audit) पूरा करने के बाद अपनी जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है।
जांच में सामने आया कि आग लगने के दौरान बिल्डिंग का कंक्रीट से बना बीम भी तिरछा हो गया था, जबकि सामान्यतः इतनी आग में ऐसा नहीं होता। इसके अलावा, जांच के दौरान कंपनी प्रबंधन मौके पर स्ट्रक्चरल ड्राइंग या कंप्लीशन से जुड़े अन्य कानूनी कागजात पेश नहीं कर सका। फिलहाल अन्य जांच एजेंसियां भी मामले की तहकीकात में जुटी हुई हैं।
🧱 दीवार में न पिलर थे न बीम: दमकल की गाड़ियों के पानी का दबाव भी नहीं झेल सकी घटिया दीवार
इकोटेक-3 की इस कंपनी में लगी आग के दौरान बचाव कार्य करते समय दीवार और बीम गिरने से दो जांबाज दमकल कर्मियों की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस कमिश्नर ने PWD से कंपनी का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश दिए थे।
PWD अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि बिल्डिंग का निर्माण मानकों पर खरा नहीं उतरा था। दीवार में पर्याप्त पिलर नहीं थे और उसकी ऊंचाई काफी अधिक थी। दीवार इतनी कमजोर और घटिया गुणवत्ता की थी कि वह दमकल के पानी का सामान्य प्रेशर भी नहीं झेल सकी, जबकि इससे अधिक दबाव बारिश और तेज हवाओं का होता है जिसे सामान्य घरों की दीवारें आसानी से झेल लेती हैं।
🧪 मलबे की लैब जांच से खुलेगी घटिया सामग्री की पोल: शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
अधिकारियों ने बताया कि अब निर्माण सामग्री और प्लास्टर के सैंपल लेकर प्रयोगशाला (Lab) में जांच के लिए भेजे जाएंगे। संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद सामग्री की गुणवत्ता और मिलावट पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
शुरुआती जांच के अनुसार, आग कंपनी की टेस्टिंग लैब में लगी थी। पुलिस को आशंका है कि किसी उपकरण की टेस्टिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट के कारण यह हादसा हुआ।
📐 30 मिनट की सामान्य आग भी नहीं सह सकी इमारत: दमकल विभाग ने भी उठाए सवाल
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिस बिल्डिंग में आग लगी थी उसकी दीवार काफी ऊंची थी, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से बीच में पिलर नहीं बनाए गए थे। केवल दोनों छोरों पर छोटे पिलर मौजूद थे।
नियमानुसार हर फ्लोर पर बीम होना अनिवार्य है, लेकिन यहां बीम न के बराबर थे। अधिकारियों ने बताया कि आग बहुत विकराल नहीं थी, लेकिन केवल 30 मिनट की आग में ही मानकों के विपरीत बनी दीवार भरभराकर ढह गई।
🧯 कंपनी के पास थे फायर NOC के सभी मानक: दमकल विभाग का स्पष्टीकरण
हादसे के बाद कंपनी को जारी एनओसी (NOC) पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए दमकल विभाग ने बताया कि कंपनी के भीतर अग्निशमन के सभी मानक दुरुस्त थे।
जांच के बाद ही एनओसी जारी की गई थी। नियम के मुताबिक दो दरवाजों की आवश्यकता थी, जबकि कंपनी में छह दरवाजे बनाए गए थे। स्प्रिंक्लर सिस्टम की आवश्यकता न होने के बावजूद वे लगाए गए थे। यानी आग बुझाने के उपकरण मौजूद थे, लेकिन भवन का निर्माण ही बेहद कमजोर था।
🏥 घायल दमकल कर्मी अमित को अस्पताल से मिली छुट्टी: दो अन्य जवानों की हालत में सुधार
हादसे में घायल हुए तीन दमकल कर्मियों का इलाज अस्पताल में चल रहा था, जहां अब उनकी हालत खतरे से बाहर है। घायल जवान अमित को पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बाकी दोनों घायल दमकल कर्मियों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। उन्हें जल्द ही आईसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर घर भेज दिया जाएगा। PWD अधिकारियों ने दोहराया है कि पुलिस के पत्र पर त्वरित कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट सौंप दी गई है, जिसमें कागजात न मिलने और घटिया निर्माण की बात दर्ज है।