Air Quality in Ghaziabad: लगातार दूसरे दिन एनसीआर में सबसे प्रदूषित रहा गाजियाबाद, एक्यूआई 222 दर्ज

गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए नगर निगम 134 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगा। सड़कों की मरम्मत, पानी का छिड़काव और हरियाली बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

गाजियाबाद शहर की खराब होती वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है और इसके तहत 134 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत सड़कों की व्यापक मरम्मत, पटरियों पर टाइल्स लगाने और धूल पर नियंत्रण पाने के लिए पानी का छिड़काव करने वाले नए वाहन खरीदे जाएंगे। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्वास्थ्य, निर्माण और उद्यान विभाग के अधिकारियों को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं, ताकि खुले में कूड़ा जलाने और धूल उड़ाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।

🌱 हरित पट्टी का विकास और सड़कों पर पानी का छिड़काव: डिवाइडर पर लगेंगी घास और पौधे

प्रदूषण की रोकथाम के लिए निगम द्वारा सड़कों के किनारे और डिवाइडर पर हरित पट्टी विकसित की जा रही है, जिससे धूल उड़ने की समस्या को रोका जा सके। वर्तमान में शहर की सड़कों पर धूल दबाने के लिए करीब 16 वाहन पानी का छिड़काव कर रहे हैं, जिनकी संख्या बढ़ाने के लिए 4 से 5 नए वाटर टैंकर व मशीनें खरीदने की तैयारी है। इसके अलावा सभी पांचों जोन्स में वार्डों के भीतर भी हरियाली बढ़ाने और पौधे लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

📊 एनसीआर में सबसे प्रदूषित रहा गाजियाबाद: लगातार दूसरे दिन एक्यूआई 222 दर्ज, अधिकारियों ने बढ़ाई निगरानी

एक तरफ जहां निगम प्रदूषण नियंत्रण के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार दूसरे दिन 222 दर्ज किया गया, जो दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम समेत पूरे एनसीआर में सबसे अधिक है। राजनगर एक्सटेंशन, इंदिरापुरम, वैशाली और विजयनगर जैसे प्रमुख इलाकों में अभी भी कई जगहों पर धूल उड़ती देखी जा रही है। यूपीपीसीबी के अधिकारियों ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विभागों और निर्माण स्थलों पर कड़ी निगरानी रखते हुए सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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