Bhiwani News: भिवानी में दूषित पानी पर एक्शन; नालों और सीवर से गुजरने वाले कनेक्शन कटेंगे

भिवानी में दूषित जलापूर्ति रोकने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई। सीवर और नालों से गुजरने वाले 40% पेयजल कनेक्शन इसी हफ्ते काटे जाएंगे। बीमारियों का बढ़ा खतरा।

भिवानी। शहर में खुले नालों और सीवर लाइनों से होकर गुजरने वाली पेयजल लाइनों को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा बंद किया जाएगा। विभाग के अनुसार करीब 40 प्रतिशत पेयजल कनेक्शन ऐसे हैं जो खुले नालों और सीवर लाइनों से होकर गुजरते हैं जिससे लीकेज होने पर सीवरेज का दूषित पानी पेयजल में मिक्स होकर घरों तक पहुंच रहा है और दूषित जल आपूर्ति का मुख्य कारण बन रहा है।

विभाग का कहना है कि पेयजल लाइन लीक होने की स्थिति में सीवरेज का पानी मिल जाने से लोगों को दूषित पानी की सप्लाई मिलती है जिससे विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विभाग द्वारा इसी सप्ताह ऐसे कनेक्शनों को काटने की कार्रवाई की जाएगी। दरअसल शहर के विभिन्न हिस्सों में दूषित पेयजल की आपूर्ति को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर बर्तन बाजार, विद्यानगर, दादरी गेट, लोहड़ बाजार, हनुमान गेट, पतराम गेट, फैन्सी चौक और बाग कोठी सहित पुराने शहर में दूषित पेयजल की शिकायतें अधिक हैं। इसका मुख्य कारण उपभोक्ताओं द्वारा सीवर लाइनों और खुले नालों से पेयजल पाइप लाइनें बिछाना बताया जा रहा है।

विभाग के पास आने वाली अधिकांश शिकायतों में पाया गया कि पाइप लाइन सीवर या गंदे नाले से होकर गुजर रही होती है और लीकेज के कारण पानी दूषित हो जाता है। ऐसे कनेक्शन विभाग के निर्धारित मानकों के खिलाफ हैं जिन पर अब कार्रवाई करते हुए इन्हें काटा जाएगा।

लाइन लीक होने पर घरों तक पहुंचता है दूषित पानी

मुख्य लाइनों से जुड़कर घरों तक पहुंचने वाली पेयजल लाइनों में नालों और सीवर की सफाई या दबाव के कारण लीकेज की संभावना बनी रहती है। ऐसे में नालों की सफाई के दौरान लाइन लीक होने पर दूषित पानी पेयजल आपूर्ति में मिलकर घरों तक पहुंच जाता है। जिला प्रशासन के पास आने वाली शिकायतों की जांच में भी अधिकतर स्थानों पर पेयजल लाइन सीवर या गंदे नाले से गुजरती पाई गई है जो लीकेज का मुख्य कारण है।

दूषित पानी पीने से होती हैं अनेक बीमारियां

दूषित पेयजल के सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। इससे पेट से संबंधित बीमारियां जैसे डायरिया (दस्त), हैजा (कॉलरा), टाइफाइड (मियादी बुखार), पेचिश और पीलिया (हेपेटाइटिस) होने का खतरा रहता है। इसके अलावा पानी में आर्सेनिक या फ्लोराइड जैसे हानिकारक रसायनों की मौजूदगी से त्वचा एवं तंत्रिका तंत्र को भी नुकसान पहुंच सकता है।

विभाग के मानकों से बाहर होते हैं ये कनेक्शन

सीवर व नालों से होकर गुजरने वाले पेयजल कनेक्शन जनस्वास्थ्य विभाग के मानकों के अनुरूप नहीं हैं। विभाग द्वारा ऐसे कनेक्शनों को बिना किसी पूर्व सूचना के काटने की कार्रवाई की जाएगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित उपभोक्ता की होगी।

विभाग द्वारा इसी सप्ताह खुले नालों व सीवर से गुजरने वाली लाइनों को हटाया जाएगा। लाइन लीक होने पर दूषित पानी मिक्स होकर घरों तक जाता है जिससे लोग बीमार पड़ते हैं। ये लाइनें विभाग के मानकों के विरुद्ध हैं। ऐसे में विभाग आमजन से अपील करता है कि पेयजल लाइनों को शीघ्र हटवाकर अन्य साफ स्थान से लें ताकि घरों में स्वच्छ पेयजल पहुंच सके।

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