BJP सांसद संदीप पाठक पर पंजाब में 2 FIR; दिल्ली आवास पर पुलिस की हलचल
AAP छोड़ BJP में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक पर पंजाब में दो गंभीर FIR दर्ज। दिल्ली आवास पर पुलिस की दबिश। पाठक ने इसे वेंडेटा पॉलिटिक्स बताया।
आम आदमी पार्टी (AAP) से बगावत करके भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने वाले राज्यसभा सांसद डॉ. संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. पंजाब में उनके खिलाफ दो FIR दर्ज होने की खबरों के बीच, दिल्ली स्थित उनके आवास पर पुलिस की हलचल तेज हो गई है. घटनाक्रम की इस पूरी कड़ी पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए, संदीप पाठक ने इसे “सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग” करार दिया है. संदीप पाठक ने कहा कि वो डरेंगे नहीं, साथ ही उन्होंने पार्टी आलाकमान को वेंडेटा पॉलिटिक्स ना करने की हिदायत भी दी.
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में संदीप पाठक ने स्पष्ट किया कि उन्हें इन मामलों के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने कहा, “मुझे अब तक इन FIR के बारे में कोई औपचारिक सूचना नहीं है. संभव है कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करके ये कार्रवाई की गई हो. मैं FIR की कॉपी देखने के बाद ही विस्तार से प्रतिक्रिया दे पाऊंगा. जो लोग मुझे जानते हैं, उन्हें पता है कि मैं नीति और धर्म से चलने वाला व्यक्ति हूं.”
संदीप पाठक ने कहा कि राजनीति में कुछ भी हो सकता है, कुछ भी होता है लेकिन मैं यह कह सकता हूं, मैं अनीति और अधर्म में नहीं करूंगा। बाकियों का मैं कुछ नहीं कह सकता. मैंने अब तक नहीं किया और जब तक मैं राजनीति करूंगा मैं अनीति और अधर्म कभी नहीं करूंगा चाहे मैं सफल हूं या असफल हूं.
लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों के चलते छोड़ी AAP
संदीप पाठक ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी निजी लाभ के लिए आम आदमी पार्टी नहीं छोड़ी थी. उन्होंने कहा कि पार्टी के कामकाज के तरीके और सिद्धांतों में लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों के कारण उन्होंने यह कठिन निर्णय लिया. उन्होंने कहा की, “राजनीति में आना एक कठिन निर्णय है, लेकिन अब, BJP में रहते हुए भी, मैं अपने राजनीतिक धर्म का पालन करता रहूंगा.” संदीप पाठक ने कहा कि जो डराने की कोशिश कर रहे हैं उनसे कहना चाहता हूं कि मैं डरने वाला नहीं हूं. ईश्वर मेरे साथ और मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा.
सूत्रों के अनुसार, पंजाब में संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज की गई दो FIR में लगाए गए आरोप काफी गंभीर हैं. बताया जा रहा है कि एक मामला वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला एक महिला के शोषण से संबंधित है.खबर है कि दोनों मामले गैर-जमानती धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं. पंजाब पुलिस की एक टीम उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर भी पहुंची थी, लेकिन पाठक वहां मौजूद नहीं थे. सुरक्षा उपाय के तौर पर, उनके घर के बाहर बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं.
राघव चड्ढा के नेतृत्व में बगावत
बता दें कि संदीप पाठक उन सात सांसदों में शामिल थे, जिन्होंने राघव चड्ढा के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी छोड़ दी थी. इसे AAP के लिए एक बड़ा संगठनात्मक झटका माना गया था. अब, BJP में शामिल होने के ठीक बाद, उनके चारों ओर कानूनी शिकंजा कसने से राज्य की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है.