Crime News: कर्ज में डूबे पिता ने की जुड़वां बेटियों की हत्या; वीडियो में किया रूह कंपा देने वाला खुलासा

आर्थिक तंगी और डिप्रेशन में दवा कारोबारी ने की 11 साल की बेटियों की हत्या। आरोपी पिता शशि रंजन का दावा- 'बच्चियों को गरीबी में नहीं देखना चाहता था इसलिए मार दिया'।

पैसों के लेनदेन और भारी कर्ज के दलदल में फंसे एक दवा कारोबारी ने अपनी ही 11 साल की दो जुड़वां बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी. पुलिस गिरफ्त में आने के बाद जेल में अपना गला काटने वाले 50 वर्षीय आरोपी पिता शशि रंजन मिश्रा ने एक वीडियो में अपना जुर्म कबूल करते हुए बेहद चौंकाने वाले और अजीबोगरीब दावे किए हैं. आरोपी का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण वह गहरे डिप्रेशन में था और उसे मानसिक दौरे पड़ते थे.

वीडियो में आरोपी शशि रंजन ने कहा, यह सब भगवान की मर्जी थी. पैसों के लेनदेन को लेकर मैं लंबे समय से डिप्रेशन में था. घटना के वक्त मुझे दौरा आया था और दिमाग में अजीब आवाजें आ रही थीं. मुझे लगा फ्लैट का मालिक पैसे वसूलने के लिए मुझे मारने आया है. दौरा खत्म होने के बाद मुझे अहसास हुआ कि मैं अपनी ही बेटियों को मार चुका हूं.

बेटियों की हत्या पर अफसोस जताने के सवाल पर आरोपी ने संवेदनहीनता दिखाते हुए कहा कि उसे इस बात की संतुष्टि है कि बेटियां अपनी सही जगह (भगवान के पास) चली गईं. उसने तर्क दिया कि बच्चियों को बड़ा होने में अभी 10-15 साल लगते और वह उन्हें गरीबी में नहीं देखना चाहता था.

खुदकुशी न करने के सवाल पर आरोपी ने दावा किया कि अगर वह खुद को खत्म कर लेता, तो पुलिस उसकी बेगुनाह पत्नी को फंसा देती. पत्नी को सजा न हो, इसलिए वह जीवित रहा और खुद पुलिस को फोन कर वारदात की जानकारी दी. आरोपी ने जेल जाने से पहले अपनी पत्नी के खाते में 19 लाख रुपये ट्रांसफर करने की बात भी स्वीकार की है, ताकि वह अपने मायके में बेटे के साथ रह सके.

पूर्व में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) रह चुके और खुद की दवा कंपनी चलाने वाले शशि रंजन ने अपनी इस बदहाली के लिए एक नामी डॉक्टर और कुछ अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराया है. आरोपी के मुताबिक, अगस्त 2025 में एक डॉक्टर ने उसकी कंपनी की दवाएं लिखने के एवज में 15 लाख रुपये लिए थे, लेकिन बाद में दवाएं लिखना बंद कर दिया. इस कारण उसके लाखों रुपये डूब गए और वह दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गया.

कोर्ट और कानून के सामने जाने से पहले आरोपी ने कहा, जब मैं पाप कर चुका हूं और अपनी बेटियों को पाल नहीं पाया, तो मुझे फांसी की सजा मंजूर है.

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