Greater Noida FAR Rules Update: 45 मीटर चौड़ी सड़कों पर हटेगी FAR की बंदिश, 5 साल में स्ट्रक्चरल ऑडिट अनिवार्य

यूपी कैबिनेट ने मॉडल भवन विनियम 2026 को मंजूरी दी है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 45 मीटर चौड़ी सड़कों पर FAR की पाबंदी हटेगी और नई गगनचुंबी इमारतें बनेंगी।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अब सुपरनोवा जैसी गगनचुंबी इमारतों के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने शुक्रवार को ‘मॉडल भवन विनियम 2026’ को मंजूरी दे दी है। इसके तहत जिले में 45 मीटर या इससे अधिक चौड़ी सड़कों पर स्थित व्यावसायिक, औद्योगिक, ग्रुप हाउसिंग और आईटी भूखंडों से फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की अधिकतम बंदिशें हटाने का प्रस्ताव पास किया गया है। अब इस नीति को शर्तों के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरणों द्वारा अपने स्तर पर लागू किया जाएगा।

📐 ऑटोमैटिक नक्शा पास की सुविधा और पार्किंग के नए मानक तय

नए नियमों के अनुसार, औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 24 मीटर से चौड़ी सड़कों पर औद्योगिक भूखंडों पर 10.50 तक एफएआर मिल सकेगा। प्रक्रिया को आसान बनाते हुए 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय, 200 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक और 10 एकड़ तक के औद्योगिक भूखंडों के लिए ‘ऑटोमैटिक अप्रूवल’ लागू किया गया है; यानी यदि प्राधिकरण 60 दिनों के भीतर फैसला नहीं लेता है, तो नक्शा स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। पार्किंग की समस्या से निपटने के लिए 1500 वर्ग मीटर से बड़े भूखंडों पर पोडियम पार्किंग और 1000 वर्ग मीटर से बड़े भूखंडों पर पजल पार्किंग अनिवार्य की गई है।

🔒 सुरक्षा और पर्यावरण के लिए कड़े नियम: 5 साल में स्ट्रक्चरल ऑडिट और सोलर पावर अनिवार्य

ऊंची इमारतों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) मिलने के बाद हर पांच साल में स्ट्रक्चरल ऑडिट कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से 500 वर्ग मीटर से बड़े भूखंडों पर सोलर पावर प्लांट और 300 वर्ग मीटर से बड़े भूखंडों पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना जरूरी होगा। यह नया नियम 60 प्रतिशत से अधिक विकसित हो चुके सेक्टरों में लागू करने का अधिकार संबंधित स्थानीय प्राधिकरणों के पास होगा।

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