Loharu News: जाते-जाते 6 लोगों को जीवन दे गया विशाल; इकलौते बेटे के अंगदान से परिवार ने पेश की मिसाल

लोहारू: 28 वर्षीय विशाल श्योराण ने दुनिया से जाते हुए 6 लोगों को नई जिंदगी दी। रोहतक PGI में अंगदान के बाद पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार। परिजनों की बहादुरी को सलाम।

लोहारू। घर का इकलौता बेटा होने के कारण विशाल से माता मुकेश देवी और पिता विनोद श्योराण को बड़ी उम्मीदें थीं। दोनों ने बेटे को बड़े नाज से पाला था। चार साल पहले उसकी शादी की थी लेकिन 13 मई को हुए एक हादसे ने परिवार के सारे सपने तोड़ दिए। पिता ने रुंधे गले से कहा कि विशाल इस दुनिया में नहीं रहा लेकिन सुकून है कि वह 6 लोगों को जीवनदान दे गया। वह हमेशा जिंदा रहेगा।

मूल रूप से फरटिया ताल निवासी 28 वर्षीय विशाल का शनिवार शाम करीब चार बजे गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। चचेरे भाई विनय ने चिता को मुखाग्नि दी। इससे पहले रोहतक पीजीआई से उसके अंग अलग-अलग अस्पतालों में भेजे गए। दोपहर करीब ढाई बजे विशाल का पार्थिव शरीर उसके वर्तमान निवास गांव ढाणी ढोला पहुंचा। पति का शव देखते ही पत्नी प्रियंका चीख पड़ीं। वह बार-बार बेसुध हो रही थीं। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। पूरे गांव में शोक का माहौल था। माता-पिता की आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे और बोलते समय उनका गला रुंध रहा था। इसके बाद विशाल की अंतिम यात्रा निकाली गई जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

चार साल पहले हुई थी शादी: विशाल की शादी चार साल पहले हुई थी। परिवार में उसके अलावा एक छोटी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। पत्नी प्रियंका हादसे के दिन से ही गहरे सदमे में थीं। परिवार और पड़ोस की महिलाएं उन्हें दिलासा दे रही थीं कि विशाल सकुशल घर लौट आएगा। विशाल के बच्चे नहीं है। उसके जाने से परिवार का सारा बोझ पिता विनोद पर आ गया है।

बेहद मिलनसार था : विशाल के चाचा और लोहारू मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन राजीव श्योराण ने बताया कि वह बेहद मिलनसार था। भले ही वह इस दुनिया से चला गया हो लेकिन उसका मुस्कुराता चेहरा आज भी आंखों के सामने है। सूबेदार वेदप्रकाश, सूबेदार रघुवीर नेहरा, पूर्व सरपंच दलबीर, कोच लख्खी राम, विजय, महेंद्र और शीशराम ने कहा कि विशाल के परिवार ने मानवता की मिसाल पेश की है।

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