Noida Authority Land Fraud: 33 करोड़ की जमीन कौड़ियों के भाव बेचने का मामला, फर्जी कोषाध्यक्ष और मास्टरमाइंड गिरफ्तार
नोएडा के महर्षि आश्रम जमीन घोटाले में ईडी की जांच तेज होने के बाद प्रशासन ने गोपनीय रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें कई राजनीतिक नेताओं के नाम शामिल हैं।
नोएडा में महर्षि आश्रम की बेशकीमती और अरबों रुपए की जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद अब जिला प्रशासन, पुलिस और नोएडा प्राधिकरण ने भी अपनी गोपनीय रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, इस गोपनीय रिपोर्ट में दो प्रमुख राजनीतिक दलों से जुड़े आधा दर्जन से अधिक वरिष्ठ नेताओं और रसूखदार लोगों के नाम शामिल होने का दावा किया जा रहा है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
📝 फर्जी कोषाध्यक्ष बनकर रची गई थी साजिश: 33 करोड़ की जमीन 16 करोड़ में बेची, नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
जांच में सामने आया है कि ‘स्पिरिचुअल रिजनेरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया ट्रस्ट’ की जमीनों को हड़पने के लिए रामचंद्र मोहन नामक व्यक्ति ने खुद को ट्रस्ट का फर्जी कोषाध्यक्ष बताया था। ईडी इस मामले में रामचंद्र मोहन और उसके सहयोगी आकाश मालवीय को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोप है कि दिसंबर 2025 में गेझा तिलपताबाद गांव स्थित 33.61 करोड़ रुपये सर्किल रेट वाली 3.36 हेक्टेयर जमीन को महज 16 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि बिना प्राधिकरण के अधिकारियों की मिलीभगत के इतना बड़ा अवैध निर्माण और खरीद-फरोख्त संभव नहीं थी।
🔍 सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर SIT भी कर रही जांच: CAG रिपोर्ट में एक खरब 63 अरब से अधिक की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का खुलासा
महर्षि आश्रम से जुड़ी संपत्तियों और फर्जीवाड़े के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की निगरानी में एसआईटी (SIT) भी समानांतर जांच कर रही है। दूसरी ओर, सीएजी (CAG) की रिपोर्ट में भी यह खुलासा हो चुका है कि नोएडा क्षेत्र में 45 लाख वर्ग मीटर से अधिक सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण है, जिसकी अनुमानित कीमत एक खरब 63 अरब रुपये से ज्यादा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह घोटाला एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता नजर आ रहा है।