कहते हैं कि मां बनना एक खूबसूरत अहसास है लेकिन ये पीरियड अपने साथ अलग-अलग तरह की चुनौतियां भी लाता है. प्रेगनेंसी का टेस्ट पॉजिटिव आता है तो तुरंत डाइट में बदलाव करना बेस्ट रहता है. सिर्फ फोलिक एसिड ही नहीं और भी चीजें डाइट में शामिल होनी चाहिए. डॉक्टर ने बताया कि इस कंडीशन में खानपान कैसा होना चाहिए…
एक्सपर्ट ने क्या कहा– डॉ. मानिनि पटेल (सीनियर कंसल्टेंट, आब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल जयपुर) का कहना है कि प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आते ही महिला को अपनी डाइट पर विशेष ध्यान देना शुरू कर देना चाहिए. गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में मां के खानपान का सीधा असर बच्चे के विकास पर पड़ता है.
डाइट में शामिल करें ये चीजें– इस समय खाने में हरी सब्जियां, फल, दालें, दूध, पनीर, सूखे मेवे और प्रोटीन से भरपूर चीजों को शामिल करें. फोलिक एसिड, आयरन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व बच्चे के दिमाग, हड्डियों और शरीर के विकास के लिए जरूरी होते हैं.
इन चीजों से बनाएं दूरी– ज्यादा तला-भुना खाना, पैकेज्ड फूड, अधिक चाय-कॉफी और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं या सप्लीमेंट लेने से बचें. पर्याप्त पानी पिएं और छोटे-छोटे अंतराल पर पौष्टिक भोजन लें. हर गर्भावस्था अलग होती है, इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार डाइट तय करने के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. सही पोषण मां और बच्चे दोनों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है.
फिजिकल एक्टिव रहना– पूरे दिन में वॉक या रनिंग के जरिए हर किसी को फिजिकली एक्टिव रहना चाहिए. प्रेगनेंसी का टेस्ट पॉजिटिव आए तो हल्की सैर शुरू कर देनी चाहिए. वैसे ये आपकी हेल्थ कंडीशन पर भी डिपेंड करता है कि सैर कितनी देर और किस तरह करनी चाहिए. डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह पर फिजिकली एक्टिव रहने के रूटीन को फॉलो करें.
स्ट्रेस मैनेजनेंट है जरूरी– आजकल ज्यादातर महिलाएं 30 साल की उम्र के बाद प्रेगनेंसी का फैसला लेती हैं. कई बार ये स्ट्रगल बन जाता है और एज 35 के पार तक पहुंच जाती है. आप किसी भी उम्र में प्रेगनेंट होने का फैसला लें बस ध्यान रहे कि स्ट्रेस मैनेजमेंट को नजरअंदाज नहीं करना है. स्ट्रेस की वजह से केस खराब होने का खतरा भी रहता है. रोजाना मेडिटेशन या योग इसका कारगर इलाज है.
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