USS Gerald R. Ford: दुनिया के सबसे बड़े जंगी जहाज ने बनाया तैनाती का वर्ल्ड रिकॉर्ड
अमेरिकी विमानवाहक पोत USS गेराल्ड आर. फोर्ड ने 295 दिनों की तैनाती के साथ तोड़ा 50 साल का रिकॉर्ड। वेनेजुएला और ईरान युद्ध में निभाई बड़ी भूमिका। जानें विवाद।
दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोत, USS गेराल्ड आर. फोर्ड ने कल बुधवार को वियतनाम युद्ध के बाद सबसे लंबी तैनाती का अमेरिकी रिकॉर्ड तोड़ दिया. फोर्ड की तैनाती करीब 10 महीने तक रही. अपनी तैनाती के दौरान इसने फरवरी में वेनेज़ुएला में हुए सैन्य हमले और फिर ईरान के खिलाफ जंग, दोनों में हिस्सा लिया. हालांकि पोत की लंबी तैनाती पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं.
U.S. नेवल इंस्टीट्यूट (एक गैर-लाभकारी संगठन) द्वारा संचालित U.S. नेवल इंस्टीट्यूट न्यूज की ओर से संकलित आंकड़ों के अनुसार, समुद्र में इस जहाज का 295वां दिन पिछले 50 सालों में किसी विमानवाहक पोत की सबसे लंबी तैनाती के पिछले रिकॉर्ड से कहीं आगे निकल गया. इससे पहले, 2020 में कोरोना महामारी के दौरान USS अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) को 294 दिनों के लिए भेजा गया था.
सबसे बड़े जंगी जहाज की लंबी तैनाती की वजह से उन सैनिकों पर पड़ने वाले असर को लेकर सवाल उठने लगते हैं जो लंबे समय तक घर से दूर रहते हैं, साथ ही जहाज और उसके उपकरणों पर बढ़ते दबाव को लेकर भी चिंताएं पैदा होती हैं. खास बात यह है कि यह जहाज पहले ही एक आग की घटना का सामना कर चुका है, इस वजह से लंबे समय तक इसकी रिपेयरिंग करानी पड़ी थी.
पहले वेनेजुएला फिर ईरान पर हमला
फोर्ड की पिछले साल जून 2025 में तैनाती शुरू की गई थी, और तब वह वर्जीनिया के नॉरफॉक में अपने घरेलू बंदरगाह से भूमध्य सागर की ओर रवाना हुआ था. अक्टूबर में अमेरिकी सेना ने इसे कैरिबियन सागर की ओर मोड़ दिया.
इस विमानवाहक पोत ने पिछले दिनों वेनेज़ुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके घर से पकड़ने के लिए चलाए गए सैन्य अभियान में हिस्सा लिया था. इसके बाद इसे और भी युद्ध का सामना करना पड़ा, ईरान पर हमले के दौरान इसे मध्य पूर्व क्षेत्र की ओर भेज दिया गया. इस विमानवाहक पोत ने भूमध्य सागर से ही ईरान युद्ध के शुरुआती दिनों में हिस्सा लिया था, फिर यह स्वेज नहर से होते हुए मार्च की शुरुआत में लाल सागर में प्रवेश कर गया.
हालांकि, जहाज के कपड़े धोने वाले (लॉन्ड्री) एक हिस्से में आग लगने की वजह से इसे वापस लौटना पड़ा और मरम्मत के लिए भूमध्य सागर आना पड़ा.
लंबी तैनाती पर सीनेटर ने जताई चिंता
इस बीच वर्जीनिया के सीनेटर टिम केन ने कहा कि इस लंबी और रिकॉर्ड-तोड़ तैनाती का चालक दल के मेंटल हेल्थ और सही रहने पर “गंभीर असर” पड़ा है. उन्होंने बताया कि आग लगने की घटना की वजह से करीब 600 नाविकों के पास कुछ समय के लिए सोने की जगह भी नहीं बची थी.
डेमोक्रेटिक सीनेटर ने अपने एक बयान में कहा, “उन्हें अपने परिजनों के साथ घर पर होना चाहिए, न कि किसी ऐसे राष्ट्रपति के आदेश पर दुनिया भर में भेजा जाना चाहिए, जो यह समझता है कि अमेरिकी सेना उसके महल की निजी रक्षक है.”