अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन दोषी करार, आप पर तीखे राजनीतिक हमले
दिल्ली दंगों में IB कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन दोषी। रेखा गुप्ता ने AAP नेतृत्व पर उठाए सवाल, जानें पूरी खबर।
दिल्ली में 2020 में हुए दंगे के दौरान खुफिया ब्यूरो (IB ) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधा। उन्होंने पार्टी पर ताहिर हुसैन को राजनीतिक संरक्षण और सुरक्षा देने का आरोप लगाया, साथ ही कहा कि एक राजनीतिक षडयंत्र जो उस समय रचा गया, आज भी वो सारी चीजें दिल्ली की जनता के दिल में प्रश्न चिन्ह के रूप में मौजूद हैं और दिल्ली की जनता कभी उन्हें माफ नहीं करने वाली।
इसके साथ ही सीएम गुप्ता ने कहा कि ताहिर हुसैन के दोषी ठहराए जाने से दंगों के पीड़ितों और इससे प्रभावित अन्य लोगों को न्याय मिला है। इस मामले को लेकर पत्रकारों से बात करते हुए सीएम गुप्ता ने कहा कि ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी से राजनीतिक जुड़ाव और संरक्षण मिला हुआ था, ऐसे में अब क्या अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह जवाब देंगे कि वे ऐसे और कितने कामों में शामिल रहे थे?
समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, ‘मैं यह कहना चाहती हूं कि ताहिर हुसैन, जिसे अदालत ने दिल्ली दंगों के मामले में दोषी पाया है, वह व्यक्ति है जिसने दंगे भड़काने, हथियार रखने और अंकित शर्मा की हत्या के लिए जिम्मेदार जिसे ठहराया गया है। वह दिल्ली और यहां के लोगों के खिलाफ अपराधों का दोषी है। दंगों के दौरान हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी और सैकड़ों लोगों की जान चली गई। ऐसे ताहिर हुसैन के साथ आम आदमी पार्टी का संबंध था और उसे राजनीतिक संरक्षण भी मिला हुआ था, तो उसे देखते हुए क्या अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह इस बात का जवाब देंगे कि दिल्ली में दंगे भड़काने जैसे कितने और कृत्य उन्होंने किए हैं।
आगे उन्होंने कहा, ‘दिल्ली जिस तरीके की घटनाएं उन दंगों के दौरान की गई। दिल्ली के लोगों को बहुत तकलीफ पहुंचाई गई, दिल्ली में कत्लेआम हुआ, दिल्ली में पत्थरबाजी हुई और अधिकारियों पर हमले हुए। अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई और उनके शव को नाले में फेंक दिया गया। ऐसे ताहिर हुसैन को अदालत के द्वारा दोषी ठहराया जाना, सच में उन लोगों के लिए न्याय मिलने जैसा है, जिनकी जान दंगों में चली गई थी। अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया को ताहिर हुसैन के साथ अपने जुड़ाव के बारे में दिल्ली की जनता को जवाब देना चाहिए। दिल्ली की जनता वो सब भूली नहीं है और जनता कभी उनको माफ नहीं करने वाली।’
बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे के दौरान खुफिया अधिकारी अंकित शर्मा की हुई सनसनीखेज हत्या का दोषी ठहराया था। भीड़ ने अंकित शर्मा पर हमला किया था और बाद में एक नाले में उनका शव फेंक दिया गया था। जब अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया तब वह फूट-फूटकर रोने लगा। उसे उसके वकील ने ढांढस बंधाया।
घटना के समय ताहिर हुसैन AAP पार्षद था, लेकिन मामले में नाम आने के बाद पार्टी ने उसे निलंबित कर दिया था। अदालत ने मामले में आरोपी बनाए गए छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने हुसैन को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188, 153ए, 147, 148, 149, 365 और 302 के तहत अपराधों के लिए दोषी करार दिया। हालांकि अदालत ने ताहिर हुसैन को सुनाई जाने वाली सजा पर बहस के लिए तारीख तय नहीं की है।