ऊर्जा मंत्री अनिल विज बने संकटमोचक, बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म; 3 नवंबर को होगी अगली बैठक
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज की पहल पर सरकार ने HERC के फैसले के खिलाफ कानूनी कदम उठाने का निर्णय लिया है।
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को समाप्त कराने में ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज सरकार के लिए बेहद अहम संकटमोचक साबित हुए। उन्होंने एक तरफ जहां कर्मचारी संगठनों को बातचीत के जरिए भरोसे में लिया, वहीं दूसरी तरफ निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने के मामले में सरकार की कानूनी रणनीति को मजबूती से आगे बढ़ाया। पंचकूला में देर रात तक चली बैठकों और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मंथन के बाद आखिरकार कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया, और अब सरकार धारा 94 के तहत HERC के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका (रिव्यू पिटीशन) दाखिल करेगी।
⚖️ विधानसभा में पहले ही स्पष्ट किया था सरकार का रुख: 3 नवंबर को चंडीगढ़ में होगी अगली उच्चस्तरीय बैठक
विज ने स्पष्ट किया कि सरकार का निजीकरण करने का कोई विचार नहीं है और राज्य सरकार इस निर्णय का पहले दिन से विरोध कर रही है। विद्युत अधिनियम की धारा 108 के तहत राज्य सरकार आयोग को आवश्यक निर्देश जारी कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी विज के रुख की पुष्टि करते हुए कहा कि कानूनी तरीके से इस मामले का समाधान निकाला जाएगा। इस पूरे विवाद के समाधान और आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए आगामी 3 नवंबर को चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित की गई है।