एमएसएमई, एग्री-बिजनेस और औद्योगिक नीतियों को मिली मंजूरी, 7 दिनों में मिलेगा प्रोत्साहन
हरियाणा में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026 को मंजूरी मिली है। 5 लाख करोड़ निवेश और 10 लाख रोजगार का लक्ष्य है।
चंडीगढ़: हरियाणा में निवेश व उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए तीन नई नीतियों के तहत स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की बैठक में मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026 की 18 योजनाओं को मंजूरी मिली। इनके लिए पहले पांच वर्षों में 5,305.89 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान अनुमानित है। नीति में अगले पांच साल में 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश, 10 लाख नए रोजगार और वार्षिक माल निर्यात 3.24 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में प्रोत्साहन भुगतान की प्रक्रिया भी आसान की गई है। वैधानिक लेखा परीक्षक व स्वतंत्र चार्टर्ड इंजीनियर के प्रमाणपत्र के आधार पर कुल प्रोत्साहन की 50 प्रतिशत राशि सात कार्य दिवस में दी जाएगी। विस्तृत जांच व साइट विजिट के बाद बाकी 50 प्रतिशत राशि 45 कार्य दिवस में जारी होगी। सरकारी स्तर पर देरी होने पर वित्तीय वर्ष 2026-27 से 8 प्रतिशत ब्याज देने का प्रावधान है।
प्रोग्रेसिव एमएसएमई एंड एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी में छह क्षेत्रों के लिए 60 पहल रखी गई हैं। अगले पांच वर्षों में 55 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश और पांच लाख रोजगार का लक्ष्य है। पहली बार निर्यात करने वाली इकाइयों को भी गुणवत्ता प्रमाणन, निर्यात ऋण, बीमा, माल ढुलाई, ई-कॉमर्स व व्यापार मेलों के लिए सहायता मिलेगी।
एग्री-बिजनेस एंड फूड प्रोसेसिंग पॉलिसी में 11 प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा निजी निवेश व करीब 30 हजार रोजगार का लक्ष्य है। कोल्ड चेन, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और खेत से बाजार तक आपूर्ति व्यवस्था को सहायता दी जाएगी। इससे किसानों, एफपीओ और प्रसंस्करण इकाइयों के बीच बेहतर जुड़ाव पूर्ण बनाने पर जोर रहेगा। आवेदन, जांच और मंजूरी की पूरी प्रक्रिया सिंगल विंडो सिस्टम पोर्टल से ऑनलाइन होगी।