करनाल में बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के दो मुख्य शूटर मुठभेड़ में ढेर, 24 घंटे में पुलिस का बड़ा एक्शन

करनाल के बीरू वाल्मीकि हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दोनों मुख्य शूटरों हर्ष और बीरबल को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है।

करनाल: करनाल के चर्चित बीरू वाल्मीकि हत्याकांड में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर महज 24 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज वारदात के दो मुख्य शूटरों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है. दरअसल, गुरुवार देर रात गोगड़ीपुर गांव के पास नहर की पटरी पर हुई मुठभेड़ में बदमाशों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. गोली लगने से दोनों आरोपी गंभीर रूप से घायल हुए और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

गुप्त सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन: पुलिस की मानें तो पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के आरोपी गोगड़ीपुर गांव के पास देखे गए हैं. सूचना मिलते ही सीआईए की अलग-अलग टीमों ने इलाके की घेराबंदी कर दी. जब पुलिस ने संदिग्धों को रुकने का संकेत दिया तो उन्होंने पुलिस पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपी घायल हो गए. उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया.

बीरू हत्याकांड के मुख्य शूटर: पुलिस के अनुसार मारे गए दोनों बदमाश बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के मुख्य शूटर थे. इनमें एक की पहचान हर्ष निवासी गांव काला माजरा (नीलोखेड़ी, करनाल) और दूसरे की पहचान बीरबल निवासी गांव मटरवाखेड़ी, जिला कैथल के रूप में हुई है. शुरुआती जांच में दोनों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है.

5 अगस्त की रात हुई थी हत्या: दरअसल, 5 अगस्त की रात करीब 8 से 9 बजे के बीच करनाल के हांसी रोड स्थित शराब के ठेके के पास बाइक सवार बदमाशों ने बीरू वाल्मीकि के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी. इस वारदात ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी और वाल्मीकि समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला.

इंस्टाग्राम पोस्ट से शुरू हुआ विवाद: पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर की गई एक पोस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि आखिरकार उसने बीरू वाल्मीकि की हत्या जैसी बड़ी वारदात का रूप ले लिया.

सड़कों पर उतरा समाज: वहीं, हत्या के बाद वाल्मीकि समाज के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. बड़ी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया, अंबेडकर चौक पर जाम लगाया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा कड़ी कार्रवाई की मांग की. मृतक के परिजनों और समाज का कहना था कि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाए.

पुलिस ने निभाया वादा: प्रदर्शन के दौरान करनाल विधायक जगमोहन आनंद और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने समाज को भरोसा दिलाया था कि पुलिस आरोपियों के बेहद करीब पहुंच चुकी है और जल्द ही परिणाम सामने आएंगे. इसके बाद सीआईए की पांच टीमों ने लगातार दबिश और छापेमारी कर इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया.

आईजी और एसपी ने मौके पर संभाला मोर्चा: वहीं, मुठभेड़ की सूचना मिलते ही करनाल रेंज के आईजी अशोक कुमार तथा करनाल के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया भी मौके पर पहुंचे और पूरी कार्रवाई का जायजा लिया. वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीमों से घटनाक्रम की जानकारी ली. इस पूरे मामले में करनाल रेंज के आईजी अशोक कुमार ने कहा कि, “सूचना के आधार पर सीआईए की टीमों ने साहस और सूझबूझ के साथ कार्रवाई की. पुलिस ने जब आरोपियों को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस पर करीब 10 से 12 राउंड फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी उतने ही राउंड फायर किए, जिसमें दोनों आरोपी घायल हो गए. उन्होंने बताया कि इस मुठभेड़ में पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे. इस पूरे ऑपरेशन में सीआईए-1, सीआईए-2, सीआईए-3 और सीआईए असंध की टीमों ने संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. दोनों आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं.”

जनता से की अपील: आईजी अशोक कुमार ने आम जनता से अपील की कि कोई भी व्यक्ति ऐसे वांछित अपराधियों को शरण न दे और न ही उनके पक्ष में किसी प्रकार की बयानबाजी करे. उन्होंने कहा कि, “पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अपराधियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. जिले की पुलिस ने बेहद पेशेवर और साहसिक कार्रवाई की है. विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के खिलाफ भी हरियाणा पुलिस और एसटीएफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा.”

जानें क्या बोले डॉक्टर: जब इस मामले में करनाल सीविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में तैनात डॉक्टर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, “मेरे पास देर रात दो मरीजों को पुलिस वाले लेकर आए थे उनको गोलियां लगी हुई थी.हमने चेकअप किया लेकिन उन दोनों की मौत हो चुकी थी. उसके बाद उन दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. दोनों मरीजों में से एक का नाम हर्ष और दूसरे का नाम बीरबल था. दोनों लगभग 26 वर्ष के थे.”

Leave A Reply

Your email address will not be published.