कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद जमीन का इंतकाल दर्ज करना पड़ा भारी, तत्कालीन नायब तहसीलदार और पटवारी पर केस दर्ज

जींद के पिल्लूखेड़ा में कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद जमीन का इंतकाल दर्ज करने पर तत्कालीन नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी के खिलाफ केस दर्ज।

जींद। जमीन का विवाद एस.डी.एम. और कमिश्नर कोर्ट में लंबित होने तथा इंतकाल दर्ज न करने के सख्त स्थगन आदेश के बावजूद जमीन का इंतकाल दर्ज करने के मामले में पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने तत्कालीन नायब तहसीलदार, कानूनगो और हल्का पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह गंभीर मामला गत 25 सितंबर को खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम की अध्यक्षता में आयोजित जिला ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में प्रमुखता से उठाया गया था। बैठक में मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके बाद आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

📜 क्या है पूरा मामला: कमिश्नर कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद 3 एकड़ जमीन का इंतकाल दर्ज करने का आरोप

शिकायतकर्ता लाभ सिंह निवासी रजाना खुर्द के अनुसार, उनके परिवार की करीब 33 एकड़ जमीन का विवाद एस.डी.एम. सफीदों और हिसार के कमिश्नर न्यायालय में लंबित था। कमिश्नर कोर्ट द्वारा इंतकाल दर्ज न करने का स्पष्ट स्थगन आदेश दिया गया था, इसके बावजूद 9 जुलाई 2025 को जींद-सफीदों मार्ग स्थित 3 एकड़ जमीन का इंतकाल बादल सिंह के नाम दर्ज कर दिया गया और पटवारी ने ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में भी इसकी प्रविष्टि कर दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि खेवट संख्या में बदलाव कर यह गड़बड़ी की गई। इस मामले में कमिश्नर न्यायालय में अगली सुनवाई 4 नवंबर और एस.डी.एम. कोर्ट में 11 नवंबर 2026 को निर्धारित है।

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