गाजियाबाद के कनावनी में अस्थायी नियमित कनेक्शन देने की तैयारी, 10 हजार लोगों में जगी उम्मीद

गाजियाबाद के कनावनी डूब क्षेत्र में बने करीब दो हजार मकानों को अस्थायी नियमित बिजली कनेक्शन मिलने की उम्मीद है, जिससे 12 साल पुरानी समस्या दूर होगी।

गाजियाबाद जिले के कनावनी स्थित डूब क्षेत्र में बने करीब दो हजार मकानों में रहने वाले हजारों लोगों को अब बहुत जल्द वैध बिजली कनेक्शन मिलने की उम्मीद जग गई है। शासन स्तर पर यमुना-हिंडन डूब क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इन मकानों को अस्थायी नियमित कनेक्शन देने का महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है, जिससे इस इलाके में पिछले 12 वर्षों से चली आ रही गंभीर बिजली समस्या का स्थायी निवारण हो सकता है। हालांकि, विद्युत निगम के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय से आधिकारिक और लिखित निर्देश मिलने के बाद ही कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को धरातल पर शुरू किया जा सकेगा।

🔌 12 साल से नहीं मिले थे नए कनेक्शन: कटिया और अवैध ट्रांसफार्मर के सहारे चल रही थी जिंदगी

कनावनी डूब क्षेत्र में पिछले लगभग 12 सालों से नए बिजली कनेक्शनों पर रोक होने के कारण कोई नया खंभे, लाइन, उपकेंद्र या ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया था। उस समय तक क्षेत्र में केवल 250 वैध कनेक्शन और एक अकेला ट्रांसफार्मर मौजूद था। प्रतिबंध के बावजूद क्षेत्र में रिहायशी निर्माण लगातार बढ़ते रहे, जिसके चलते लोगों ने मजबूरन पुराने वैध कनेक्शनों से कटिया डालकर या मिलीभगत से अवैध ट्रांसफार्मर रखवाकर बिजली का जुगाड़ किया। क्षमता से अधिक लोड होने के कारण इलाके में आए दिन फॉल्ट होने, लो-वोल्टेज और एकमात्र ट्रांसफार्मर के फुंक जाने की समस्या बनी रहती थी।

📋 10 हजार से अधिक आबादी में जगी नई उम्मीद: पोर्टल पर शुरू हुए आवेदन

बिजली की इस विकराल समस्या से त्रस्त होकर स्थानीय लोग आए दिन विरोध प्रदर्शन करते थे। अब शासन स्तर से इस क्षेत्र में वैध कनेक्शन देने पर सहमति बनने से करीब दो हजार मकानों में निवास करने वाली 10 हजार से अधिक की आबादी ने राहत की सांस ली है। इस बीच, नोएडा में इस प्रक्रिया के शुरू होने को देखते हुए कनावनी के लोगों ने भी लगभग दो सप्ताह पहले ‘झटपट पोर्टल’ पर ऑनलाइन आवेदन करना शुरू कर दिया है और अब तक 400 से अधिक लोग आवेदन कर चुके हैं। हालांकि, योजना के तहत नई लाइनें बिछाने और बुनियादी ढांचा तैयार करने में अभी दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है।

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