गाजियाबाद में 4 से 12 अगस्त तक स्कूल बंद, कांवड़ यात्रा के चलते डीएम का आदेश
कांवड़ यात्रा और सावन शिवरात्रि के मद्देनजर गाजियाबाद में 4 से 12 अगस्त 2026 तक सभी सरकारी व निजी स्कूल बंद रहेंगे। जानें पूर्व निर्धारित परीक्षाओं और गाइडलाइंस का पूरा विवरण।
इन दिनों कांवड़ यात्रा की धूम मची हुई है। सड़कों पर निकल रहे कांवड़ श्रृद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए दिल्ली एनसीआर के गाजियाबाद जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 12वीं तक के स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। जारी आदेश में 4 अगस्त से लेकर 12 अगस्त तक के लिए स्कूलों की छुट्टी की गई है। ये आदेश जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की तरफ से जारी किए गए हैं। ये आदेश सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों पर लागू होंगे।
स्कूल बंद करने की यह है वजह
जिला विद्यालय निरीक्षक गाजियाबाद द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, सावन का महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू हुआ है। जनपद में सावन की शिवरात्रि का मु्ख्य त्योहार 11 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दौरान जनपद में कांवड़िये/श्रद्धालुओं का आवागमन मुख्य मार्गों पर जारी रहेगा। इसे ध्यान में रखते हुए स्कूलों की छुट्टी की गई है।
जानिए कब से कब तक बंद रहेंगे स्कूल
इन स्कूलों में बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई, आईसीएसई एवं अन्य संबद्ध बोर्डों से चलाए जा रहे स्कूल, मदरसा बोर्ड के शिक्षण संस्थान भी शामिल हैं। इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ये आदेश नर्सरी से लेकर 12वीं तक की कक्षाओं पर लागू रहेंगे। स्कूलों को 4 अगस्त से लेकर 12 अगस्त तक के लिए बंद किया गया है।
क्या पूर्व निर्धारित परीक्षा होने पर भी रहेगी छुट्टी?
एक सवाल यह भी है कि अगर इसी बीच बच्चों की परीक्षाएं हुईं, तो क्या होगा। इस आदेश में उसके बारे में भी बताया गया है। आदेश में लिखा है- अगर जनपद के किसी महाविद्यालय, विश्वविद्यालय एवं तकनीकि संस्थान में यदि कोई कोर्स/ विषय में परीक्षा का कार्यक्रम पहले से घोषित है, तो उस स्थित को छोड़कर सभी महाविद्यालय, विश्वविद्यालय एवं तकनीकि संस्थाएं 4 अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रहेंगी। यानी कि केवल पूर्व निर्धारित परीक्षा के मामले में छूट है।
आपको बताते चलें कि सावन के महीने में भगवान शिव के भक्त विभिन्न तीर्थस्थलों से गंगाजल लाकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार समेत अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरते हैं। इसी वजह से हर साल इस अवधि में कई जगह यातायात संबंधी विशेष इंतजाम किए जाते हैं और विद्यार्थियों व आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय प्रशासन आवश्यक प्रतिबंध और एडवाइजरी जारी करता है।