गाजियाबाद: 6 साल की कृषा ओझा की ‘ट्री आर्मी’ का कमाल, रोपे 5000 से अधिक पौधे

क्रॉसिंग्स रिपब्लिक की पैरामाउंट सिम्फनी सोसाइटी में पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण। 6 वर्षीय कृषा ओझा की 'ट्री आर्मी' ने बच्चों को दिलाई शपथ।

गाजियाबाद। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पैरामाउंट सिम्फनी, क्रॉसिंग रिपब्लिक में ट्री आर्मी, क्रेयॉन्ज प्री-स्कूल एवं पैरामाउंट सिम्फनी एओए के संयुक्त तत्वावधान में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों, अभिभावकों एवं स्थानीय निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विशेष आकर्षण रहीं ट्री आर्मी की संस्थापक 6 वर्षीय कृषा ओझा, दित्या और ईशान जिन्होंने अपनी छोटी सी उम्र में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

कृषा द्वारा शुरू किए गए ट्री आर्मी अभियान के माध्यम से अब तक लगभग पांच हजार से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है। इतना ही नहीं, विभिन्न विद्यालयों के तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राएं ट्री आर्मी के स्वयंसेवक बनकर इस हरित अभियान का हिस्सा बन चुके हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ हुआ,जिसमें बच्चों ने पृथ्वी को हरा-भरा बनाने, पेड़ों की रक्षा करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इसके बाद प्रतिभागियों ने सोसाइटी परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

पैरामाउंट सिम्फनी एओए ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित किया। वहीं डेलबर्टो ने सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए इस पर्यावरणीय पहल को सहयोग प्रदान किया।

क्रेयॉन्ज प्री-स्कूल द्वारा बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की गई। विद्यालय का मानना है कि बचपन से ही प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित कर बच्चों को जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिक बनाया जा सकता है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं और उन्हें प्रकृति से जोड़ते हैं।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया गया तथा वृक्षारोपण के माध्यम से जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में पेड़ों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी बच्चों को पौधे, प्रमाण पत्र एवं अल्पाहार वितरित किए गए।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि कृषा ओझा की पहल यह साबित करती है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती। एक नन्हीं बच्ची द्वारा शुरू किया गया यह अभियान आज हजारों बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहा है और समाज में सकारात्मक बदलाव की नई मिसाल बन रहा है।

ट्री आर्मी का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में प्रकृति के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी और संरक्षण की भावना विकसित करना है। एक पौधा आज, सुरक्षित भविष्य कल।

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