गाजियाबाद: ISI और पाकिस्तानी गैंगस्टर के संपर्क में था जैद खान, लोनी में मिली पुलिस

हैदराबाद में गिरफ्तार लोनी के जैद खान के ISI कनेक्शन से गाजियाबाद में हड़कंप। पाकिस्तानी डॉन के पोस्टर लगाने और नेताओं के नंबर जुटाने का मिला था टास्क। जांच जारी।

पाकिस्तानी गैंगस्टर एवं आईएसआई एजेंटों के संपर्क में रहकर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल के लोनी निवासी 22 वर्षीय जैद खान उर्फ आदिल खान की गिरफ्तारी के बाद गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस भी अब सतर्क हो गई है। बीती 25 मई को हैदराबाद पुलिस से सूचना मिलने के बाद लोनी थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम आरोपी के घर पहुंची और उसके परिवार से पूछताछ के बैंक अलावा खातों की भी जांच की गई।

तेलंगाना पुलिस के मुताबिक जैद खान हैदराबाद के मेडचल क्षेत्र स्थित मुबारक रेस्तरां में वेटर का काम करता था। सूचना मिली थी कि वह सोशल मीडिया पर नकली पिस्टल के साथ रील बनाकर दहशत फैलाने का प्रयास कर रहा है और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के संपर्क में है। इसके बाद पुलिस ने रेस्तरां में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से दो नकली पिस्टल भी बरामद हुई थीं। पूछताछ में जैद ने बताया कि उसने चौथी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। वर्ष 2021 से 2023 तक वह कोलकाता में अपने चाचा के पास रहकर फेरी लगाकर कपड़े बेचता था। इसके बाद वह गाजियाबाद लौट आया था।

पाकिस्तानी डॉन के पोस्टर लगाने का काम

पुलिस जांच में सामने आया है कि सोशल मीडिया पर हथियारों वाली रील पोस्ट करने के दौरान जैद की पहचान पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई से जुड़े बताए जा रहे आबिद जट्ट व राणा हुसैन से हुई थी। आरोप है कि आबिद जट्ट ने जैद को लोनी में पाकिस्तानी डॉन के एक हजार पोस्टर लगाने और उसका वीडियो बनाकर भेजने का टास्क दिया था। इसके बदले उसे असली पिस्टल दी जाती।

परिवार बोला,गतिविधियों की जानकारी नहीं

हैदराबाद पुलिस से सूचना मिलने के बाद लोनी पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम जैद के घर पहुंची। पूछताछ में पिता दिलीप खान ने बताया कि परिवार मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला है और कई वर्षों से लोनी में रह रहा। जांच में संदिग्ध लेनदेन या विदेशी फंडिंग के कोई प्रमाण नहीं मिले। पुलिस का कहना है कि जैद परिवार के संपर्क में था, लेकिन परिजनों को उसकी गतिविधियों की जानकारी नहीं थी।

कई लोगों के नंबर राणा हुसैन को भेजे

जांच में यह भी सामने आया कि आईएसआई एजेंट बताए जा रहे राणा हुसैन ने जैद से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के निजी सहायक, कई मंत्रियों और सांसदों के मोबाइल नंबर जुटाने को कहा था। दावा है कि जैद ने इंटरनेट की मदद से कई नंबर जुटाकर राणा हुसैन को भेजे थे। उसने देश विरोधी सोशल मीडिया ग्रुप्स में खुद को जोड़ने का भी अनुरोध किया था। पुलिस के मुताबिक उसके मोबाइल फोन को जांच के दायरे में लिया गया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.