गुरुग्राम में तेज रफ्तार कार ने ग्रिल लगा रहे 4 मजदूरों को कुचल, दो की दर्दनाक मौत

द्वारका एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार ने ग्रिल लगा रहे चार मजदूरों को कुचल दिया। हादसे में दो की मौत, दो घायल।

गुड़गांव : द्वारका एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। दिल्ली की ओर जा रही तेज रफ्तार कार ने श्रीराम चौक के पास द्वारका एक्सप्रेसवे की डिवाइडर पर ग्रिल लगाने का कार्य कर रहे चार मजदूरों को कुचल दिया। घटना में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, घटना में कार चालक भी घायल हुआ है। घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़ ने सभी को अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवाें को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, पुलिस ने क्षतिग्रस्त गाड़ी को भी कब्जे में लिया है।

गाड़ी की हालत देखकर उसकी स्पीड का अंदाजा लगाया जा सकता है। गाड़ी ग्रिल तोड़कर डिवाइडर पर जा चढ़ी। टक्कर लगने से सभी मजदूर काफी दूर जा गिरे। पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के रहने वाले बिजेंद्र और पप्पू के रूप में हुई है। वहीं घायलों में सतीश चंद और राम कुमार गंभीर हैं। प्रारंभिक तौर की जांच के दौरान सामने आया कि गाड़ी सेक्टर-110 इंडिया बुल्स एनिग्मा सोसाइटी  निवासी वेदान खन्ना चला रहा था जो दिल्ली यूनिवर्सिटी का छात्र है। इस घटना में छात्र भी घायल हुआ है जिसे फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के मुताबिक, बजघेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत श्रीराम चौक पर द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण एवं रखरखाव करने वाली कंपनी के कुछ मजदूर डिवाइडर पर ग्रिल लगाने का कार्य कर रहे थे। ग्रिल को सतीश और रामकुमार ने पकड़ा हुआ था जबकि बिजेंद्र और पप्पू दोनों ग्रिल के पेच कस रहे थे। इसी दौरान दिल्ली की तरफ से बीट गाड़ी तेज रफ्तार में आई और इन चारों पर चढ़ गई। गाड़ी को अपनी तरफ आता देख सतीश और रामकुमार पीछे ग्रीन बेल्ट एरिया में कूदे भी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। टक्कर लगते ही चारों काफी दूर जा गिरे और  बिजेंद्र और पप्पू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, घटना में कार भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और कार चला रहा वेदान भी घायल हो गया जिसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

वहीं, पुलिस की मानें तो मामले में द्वारका एक्सप्रेसवे पर कार्य करने वाले ठेकेदार की भी लापरवाही सामने आई है। मजदूरों को काम पर तो लगाया गया था, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर कोई इंतजाम नहीं किया गया था। न तो रोड को बंद किया गया था और न ही कोई रिफ्लेक्टिंग लाइट लगाई गई थी जिससे वाहनों को पहले ही चेतावनी मिल सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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