जया बच्चन और मां हेमा मालिनी के समर्थन में उतरीं ईशा देओल, पपाराजी के व्यवहार पर उठाए गंभीर सवाल

अभिनेत्री ईशा देओल ने जया बच्चन और हेमा मालिनी का समर्थन करते हुए पपाराजी कल्चर और सोशल मीडिया पेजों के बर्ताव पर अपनी खरी-खरी राय रखी है।

जया बच्चन और हेमा मालिनी जैसी कई दिग्गज अभिनेत्रियां पपाराजी (Paparazzi) के असहज व्यवहार को लेकर अक्सर चर्चा का विषय बनती रही हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों और एयरपोर्ट्स पर कई बार फोटोग्राफर्स उन्हें तस्वीरों के लिए कभी दाएं देखने तो कभी बाएं देखने या अलग-अलग पोज देने के लिए कहते हैं, जिससे कई बार वे असहज हो जाती हैं।

विशेष तौर पर जया बच्चन को फोटोग्राफर्स के साथ उनके तीखे बातचीत के अंदाज को लेकर सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल भी किया जाता रहा है। वहीं, हेमा मालिनी को भी पपाराजी से बातचीत के दौरान आलोचना का सामना करना पड़ा है। अब इस पूरे मामले और सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर अभिनेत्री ईशा देओल ने खुलकर अपनी बात रखी है। उनका स्पष्ट मानना है कि वरिष्ठ और दिग्गज कलाकारों की असहजता को समझना और उनके साथ पूरे सम्मान से पेश आना बेहद जरूरी है।

👶 ईशा देओल ने दिया बच्चे की परवरिश का उदाहरण, समझाया पपाराजी कल्चर का सच

समाचार एजेंसी IANS से खास बातचीत के दौरान ईशा देओल ने सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और पपाराजी के बर्ताव को लेकर जया बच्चन, हेमा मालिनी और दूसरे वरिष्ठ कलाकारों का खुलकर समर्थन किया।

  • परवरिश का उदाहरण: ईशा ने फोटोग्राफर्स की कार्यप्रणाली को समझाने के लिए एक बच्चे का उदाहरण देते हुए कहा, “जब कोई बच्चा बड़ा होकर किशोर बनता है और उसका व्यवहार अच्छा नहीं होता, तो आप किसे जिम्मेदार ठहराएंगे? स्वाभाविक रूप से उसके माता-पिता को, क्योंकि उन्होंने उसे सही परवरिश और सही संस्कार नहीं दिए। ठीक उसी तरह मुझे लगता है कि इस मामले में भी फोटोग्राफर्स को पीछे से गाइड किया जाता है।”

  • मुख्य जिम्मेदारी किसकी?: ईशा ने आगे स्पष्ट किया कि तस्वीर खींचने वाले व्यक्ति की अकेले कोई गलती नहीं है। असली जिम्मेदारी उन लोगों की है जो बड़े-बड़े सोशल मीडिया पेज चलाते हैं और ज्यादा लाइक्स या लोगों का ध्यान (Attention) खींचने के लिए ऐसी कंट्रोवर्शियल चीजें पोस्ट करते हैं। इसलिए समस्या की जड़ पर ध्यान देने की जरूरत है।

👑 वरिष्ठ और दिग्गज कलाकारों को मिलना चाहिए पूरा सम्मान

ईशा देओल ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा और फिल्म इंडस्ट्री के निर्माण में दिग्गज कलाकारों का बहुत बड़ा और अतुलनीय योगदान रहा है, इसलिए हर हाल में उनका सम्मान किया जाना चाहिए।

  • कलाकारों की सीमाएं समझें: ईशा ने फोटोग्राफर्स और मीडिया हाउसों को सलाह देते हुए कहा कि फोटोग्राफर्स को यह समझना होगा कि कौन से कलाकार उनके साथ हंसी-मजाक करना पसंद करते हैं और कौन से कलाकार इस तरह के व्यवहार से असहज हो जाते हैं। हर कलाकार का एक अलग स्वभाव होता है और उसकी निजता (Privacy) का सम्मान होना चाहिए।

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