जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों की बड़ी जीत, 18 दिन बाद खत्म हुई भूख हड़ताल; प्रशासन ने मानी मांगें

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में 18 दिन से चल रही छात्रों की भूख हड़ताल खत्म हो गई है। प्रशासन ने छात्र संघ की बहाली और निष्कासन रद्द करने की मांगें मान ली हैं।

 दिल्ली की प्रतिष्ठित जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) यूनिवर्सिटी में लंबे समय से चला आ रहा छात्र आंदोलन आखिरकार सफल हो गया है। यहाँ 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का संघर्ष रंग लाया और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उनकी सभी प्रमुख मांगें मान ली हैं। इसके बाद छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. मो. महताब आलम रिजवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, “हमें छात्रों की ओर से 3 मुख्य मांगें मिली थीं, जिन्हें हमने पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ (Student Union) के संविधान को मंजूरी देने और लागू करने की प्रक्रिया 15 मई, 2027 तक पूरी कर ली जाएगी।”

🏛️ संविधान के ड्राफ्ट में शामिल होंगे छात्र प्रतिनिधि, 16 जुलाई 2027 तक होंगे चुनाव

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्र संघ के संविधान के प्रारूप में केवल प्रोफेसर्स या कानूनी विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि हर फैकल्टी से एक छात्र प्रतिनिधि भी शामिल होगा, ताकि छात्रों की आवाज लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन तक पहुंच सके।

  • चुनाव की समयसीमा: संविधान की कानूनी जांच, एकेडमिक काउंसिल, एग्जीक्यूटिव काउंसिल और ‘विजिटर नॉमिनी’ की अंतिम सहमति के बाद, नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के 6 हफ्तों के भीतर यानी 16 जुलाई 2027 के आसपास चुनाव कराए जाएंगे।

  • अनुशासनात्मक कार्रवाई रद्द: रजिस्ट्रार ने बताया कि छात्रों की तीसरी मांग के तहत विरोध-प्रदर्शन के दौरान जिन भी छात्रों को निष्कासित (सस्पेंड) किया गया था या जिन्हें ‘शो-कॉज’ नोटिस दिए गए थे, उन सभी के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। 8 नवंबर तक दिवाली की छुट्टियां हैं, जिसके बाद छात्रों से ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू करने का अनुरोध किया गया है।

✊ एबिन बेसिल ने 18वें दिन समाप्त की भूख हड़ताल, इसे बताया लोकतंत्र की जीत

जामिया में लॉ के तीसरे वर्ष के छात्र एबिन बेसिल ने छात्र संघ की बहाली और मांगें माने जाने के बाद अपनी 18 दिनों लंबी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर दी।

एक प्रेस को संबोधित करते हुए एबिन ने कहा, “आज हमारी भूख हड़ताल का 18वां दिन है और छात्र संघ के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन के बाद मैं इसे समाप्त कर रहा हूँ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हमारी सभी मांगें मान ली हैं। मैं जामिया के उन सभी छात्रों का दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ जो इस संघर्ष में हमारे साथ डटे रहे। यह हर छात्र की जीत है, जामिया की जीत है और लोकतंत्र की जीत है।”

📅 छात्रों के विरोध के कारण रद्द हुआ था स्थापना दिवस और ‘तालिमी मेला’

आपको बता दें कि छात्रों के इस मुखर और लंबे विरोध-प्रदर्शन के कारण यूनिवर्सिटी प्रशासन को 22 अक्टूबर को होने वाला अपना बहुप्रतीक्षित ‘स्थापना दिवस समारोह’ और 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलने वाला प्रसिद्ध ‘तालिमी मेला’ पूरी तरह से रद्द करना पड़ा था। इस सालाना सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का भाषण, झंडा फहराना और गार्ड ऑफ ऑनर जैसी भव्य औपचारिकताएं होनी थीं।

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