जीवन कुंडू का 15 दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार, CM सैनी से बैठक के बाद बनी सहमति

हिसार के किनाला गांव में जीवन कुंडू का 15 दिन बाद अंतिम संस्कार। सीएम नायब सैनी से बैठक में आरोपियों की गिरफ्तारी और केस वापसी पर बनी सहमति।

हिसार : गांव किनाला निवासी जीवन कुंडू का मंगलवार को करीब 15 दिन बाद अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव में माहौल बेहद गमगीन रहा। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से जीवन कुंडू को अंतिम विदाई दी। शोक की इस घड़ी में पूरे गांव में मातम का माहौल रहा। ग्रामीणों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। जीवन कुंडू के अंतिम संस्कार के दौरान गांव में मौजूद लोगों की आंखें नम नजर आईं।

यह है पूरा मामला 

बता दें 15 दिन पहले जीवन कुंडू पर 10-12 बदमाशों ने  लाठी -डंडों से हमला कर दिया। हमलावरों ने पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया। वहीं आरोपी उन्हें गंभीर हालत में छोड़कर वहां से फरार हो गए। स्थानीय लोग उन्हें अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के पीछे का कारण बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ महीने पहले जीवन का पड़ोसी रमेश से गोबर डालने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद डेयरी में खोर (हौद) बनाने के दौरान भी दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ। आरोप है कि इस दौरान रमेश पक्ष ने जीवन की पत्नी पर बरछी से हमला किया था, जिस पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी होने का दावा कर रही है, लेकिन परिवार और खाप प्रतिनिधियों का आंदोलन अब और तेज होने के संकेत दे रहा है।

CM सैनी संग मीटिंग में सभी मांगों पर बनी सहमति के बाद हुआ अंतिम संस्कार

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक में मुख्य आरोपी रमेश अत्री की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की मौजूदा टीमों के साथ अतिरिक्त टीम और STF की टीमें लगाने तथा जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया। समिति के अनुसार, 4 अगस्त से 15 अगस्त तक जीवन कुंडू हत्याकांड को लेकर हुए धरना-प्रदर्शन, टोल जाम और अन्य आंदोलनों के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने पर भी सरकार ने सहमति दी। प्रदर्शन के दौरान जब्त किए गए वाहनों को वापस लौटाने की बात भी कही गई। उन्होंने कहा कि हांसी में हुए हंगामे के मामले में गिरफ्तार सुरेश कोथ समेत 10 किसानों को कोर्ट से जमानत मिल गई है। जमानत के बाद सभी किसानों को भोंडसी जेल से रिहा कर दिया गया है। किसान मोर्चा के कॉर्डिनेटर सदानंद राजलीवाल ने सोमवार को बताया कि समिति की चार प्रमुख मांगों—आरोपियों की गिरफ्तारी, परिवार को मुआवजा, विधवा को नौकरी और आंदोलन के दौरान दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने पर सहमति बनी।

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