ज्येष्ठ माह 2026: अधिकमास के कारण 4 एकादशी का महासंयोग, जानें शुभ तिथियां

ज्येष्ठ मास 2026 में अपरा, पद्मिनी, परमा और निर्जला एकादशी का महासंयोग बन रहा है। जानें इन चारों एकादशी व्रतों की सटीक तारीखें, शुभ मुहूर्त और पारण का समय।

सनातन धर्म में एकादशी का व्रत बहुत ही पावन माना जाता है. हर माह में दो बार कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन ये व्रत रखा जाता है. भगवान विष्णु को समर्पित इस व्रत की महिमा अपरंपार है. इस व्रत को रखने से भगवान विष्णु बहुत प्रसन्न होते हैं. एकादशी के दिन व्रत के साथ-साथ भगवान विष्णु का विधि-विधान से पूजन किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि एकादशी का व्रत और विष्णु जी का पूजन करने से जीवन में सुख-समृद्धि और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है.

ज्येष्ठ माह 2026 में अधिकमास पड़ रहा है. इस कारण इस माह में चार एकादशी व्रत का महासंयोग बन रहा है. ज्येष्ठ मास में ही साल की सबसे बड़ी एकादशी निर्जला एकादशी का व्रत पड़ता है, लेकिन इसके साथ-साथ इस साल इस माह में अपरा एकादशी, पद्मिनी एकादशी और परमा एकादशी का भी व्रत रखा जाएगा. आइए जानते हैं इन व्रतों की तारीखें और पारण का टाइम.

ज्येष्ठ माह 2026

2 मई 2026 से शुरू हुआ ज्येष्ठ महीना 29 जून 2026 तक चलेगा. इस बीच 17 मई से 15 जून तक अधिकमास रहेगा.

अपरा एकादशी कब है? 

ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है.

  • पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी तिथि 12 मई दोपहर 02 बजकर 52 मिनट से शुरू होगी.
  • ये तिथि 13 मई की दोपहर 01 बकर 30 मिनट तक रहेगी.

उदयातिथि के आधार पर 13 मई को अपरा एकादशी व्रत रखा जाएगा.

अपरा एकादशी व्रत पारण टाइम 

अपरा एकादशी का पारण समय 14 मई को सुबह 06 बजकर 04 मिनट से 08 बजकर 41 मिनट तक रहने वाला है.

पद्मिनी एकादशी कब है?

अधिकमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी कहते हैं.

  • पंचांग के अनुसार यह तिथि 26 मई की रात 10 बजकर 24 मिनट पर शुरू होगी.
  • ये तिथि 27 मई की देर रात 12 बजकर 44 मिनट पर समाप्त होगी.

उदया तिथि के अनुसार, पद्मिनी एकादशी व्रत 27 मई को रखा जाएगा.

पद्मिनी एकादशी व्रत पारण टाइम 

पद्मिनी एकादशी के व्रत पारण सुबह 05 बजकर 25 मिनट से 08 बजकर 08 मिनट तक करना शुभ रहेगा.

परमा एकादशी 2026 और व्रत पारण टाइम

परमा एकादशी अधिकमास के शुक्ल पक्ष को पड़ता है. इस साल ये व्रत व्रत 11 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा. वहीं इसका पारण 12 जून को किया जाएगा.

निर्जला एकादशी कब है?

  • ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि 24 जून 2026 की शाम 06 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी.
  • ये तिथि 25 जून की रात 08 बजकर 09 मिनट पर समाप्त होगी.

उदया तिथि के अनुसार, 25 जून को निर्जला एकादशी व्रत रखा जाएगा.

निर्जला एकादशी व्रत पारण टाइम

निर्जला एकादशी व्रत का पारण 26 जून की सुबह 05 बजकर 25 मिनट से से 08 बजकर 13 मिनट के बीच किया जाएगा.

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