डीडीपीओ रितु लाठर को झूठे रिश्वत मामले में फंसाने की साजिश, क्लर्क कुलदीप के खिलाफ केस दर्ज

कैथल में डीडीपीओ रितु लाठर को झूठे रिश्वत मामले में फंसाने के आरोप में क्लर्क कुलदीप के खिलाफ मामला दर्ज। डीएसपी क्राइम से कराई गई जांच।

कैथल  : जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) रितु लाठर को कथित तौर पर झूठे रिश्वत मामले में फंसाने और उन पर दबाव बनाने के आरोप में पुलिस ने आरोपी क्लर्क कुलदीप के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने डीडीपीओ की शिकायत पर डीएसपी क्राइम से जांच करवाने के बाद यह कार्रवाई की है।

डीडीपीओ की शिकायत के अनुसार, कुलदीप पहले डीडीपीओ कार्यालय कैथल में क्लर्क के पद पर तैनात था। करीब एक साल पहले उसका तबादला हो गया था और वर्तमान में वह बीडीपीओ कार्यालय, कैथल में तैनात है। उसके खिलाफ वरिष्ठता सूची में जन्मतिथि में कथित हेरफेर से जुड़ी विभागीय कार्यवाही चल रही है, जो डीडीपीओ कार्यालय में लंबित है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी विभागीय कार्यवाही के चलते कुलदीप डीडीपीओ पर दबाव बनाने और लंबित मामले को प्रभावित करने के उद्देश्य से झूठा मौद्रिक एवं इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार करने का प्रयास कर रहा था। डीडीपीओ ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

11 अगस्त को डीडीपीओ के भाई को किया फोन

शिकायत के मुताबिक, 11 अगस्त 2026 को कुलदीप ने डीडीपीओ के छोटे भाई अमित कुमार को फोन किया। बातचीत में उसने ₹50 के भुगतान का जिक्र किया और कहा कि अमित के खाते में ₹2 लाख ट्रांसफर किए जाएंगे। उसने कथित तौर पर यह भी कहा कि इस संबंध में उसने “डीडीपीओ मैडम” से बात की है। इसके बाद व्हाट्सऐप के माध्यम से भी बातचीत हुई। शिकायत में बताया गया है कि कुलदीप ने अमित कुमार को ऑडियो रिकॉर्डिंग समेत अन्य सामग्री भेजी। इनमें पैसों से संबंधित बातचीत तथा बैंकिंग और यूपीआई से जुड़ी जानकारी भी शामिल थी।

डीडीपीओ बोलीं- न कोई मांग की, न अनुमति दी

रितु लाठर ने शिकायत में आरोपों को स्पष्ट रूप से नकारते हुए कहा कि उन्होंने कुलदीप से इस संबंध में कोई बातचीत नहीं की। उन्होंने न तो ₹2 लाख की मांग की और न ही किसी प्रकार के अवैध भुगतान की अनुमति दी। उनका कहना है कि उन्होंने कुलदीप को अपनी ओर से उनके भाई से इस तरह की बातचीत करने के लिए भी अधिकृत नहीं किया था। उन्होंने पुलिस से यह जांच करने की मांग भी की कि कुलदीप को उनके भाई अमित कुमार का मोबाइल नंबर कहां से मिला।

पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की

सिविल लाइन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रमेश चंद्र ने बताया कि डीडीपीओ की शिकायत के आधार पर उन्हीं के विभाग के क्लर्क कुलदीप के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों, मोबाइल और व्हाट्सऐप बातचीत, ऑडियो रिकॉर्डिंग तथा कथित बैंकिंग/यूपीआई ट्रेल की जांच की जाएगी। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

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