दिल्ली: उपराज्यपाल के हस्तक्षेप से अटकीं 20+ विकास परियोजनाओं को मिली गति

दिल्ली में वर्षों से अटके विकास कार्यों का रास्ता साफ। उपराज्यपाल टी.एस. संधू के निर्देश पर DDA ने पुलिस स्टेशन, मेट्रो डिपो और अस्पतालों के लिए जमीन आवंटित की।

दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टी.एस. संधू की नियमित समीक्षा और उनके निर्देशों के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने जनहित से जुड़ी कई परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की लंबे समय से अटकी फाइलों का निपटारा कर दिया है. अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण ये फाइलें लंबे समय से अटकी हुई थीं, जिससे कई विकास परियोजनाएं रुकी हुईं थीं, लेकिन अब उपराज्यपाल ने इन प्रक्रियाओं को व्यवस्थित कर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया है.

अधिकारियों का कहना है कि इस पहल के बाद राजधानी में जनहित और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई अहम परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटित करने का रास्ता साफ हो गया है. उनका कहना है कि कार्यभार संभालने के बाद से ही उपराज्यपाल लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें, ताकि विकास कार्यों में किसी तरह की देरी न हो और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें.

अधिकारियों के मुताबिक, डीडीए ने जनहित से जुड़ी कई अहम परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटित की है. इसके तहत द्वारका सेक्टर-19 और मंगलापुरी में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय बनाने के लिए सामुदायिक भवन उपलब्ध कराए गए हैं. इसके अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के लिए 112 एनओसी (NOC) और अटल कैंटीनों के लिए 5 एनओसी जारी किए गए हैं.

इको मैनेजमेंट पार्क के लिए 8.5 हेक्टेयर जमीन

वहीं, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए होलंबी कलां में ई-वेस्ट इको मैनेजमेंट पार्क के लिए 8.5 हेक्टेयर जमीन दी गई है, जबकि गाजीपुर में वेस्ट-टू-एनर्जी और बायो-मीथनेशन परियोजनाओं के विस्तार के लिए नगर निगम (MCD) को 10 एकड़ जमीन सौंपी गई है और 10.4 एकड़ अतिरिक्त भूमि भी आवंटित की गई है.

नए पुलिस थानों के निर्माण के लिए जमीन आवंटित

इतना ही नहीं, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिलकुशा बाग, सागरपुर, सुयूरपुर और किशनगढ़ में नए पुलिस थानों के निर्माण के लिए भी जमीन दी गई है. इसके अलावा नरेला में फॉरेंसिक साइंस लैब, धीरपुर और ताहिरपुर में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के ऑफिस और रोहिणी और शाहदरा में न्यायपालिका के कर्मचारियों के आवास बनाने के लिए भी जमीन आवंटित की गई है.

मेट्रो डिपो बनाने के लिए 20 हेक्टेयर जमीन

वहीं, सनोठ में दिल्ली मेट्रो (DMRC) को मेट्रो डिपो बनाने के लिए 20 हेक्टेयर जमीन दी गई है, जबकि नरेला में कास्टिंग यार्ड बनाने के लिए 16 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई गई है. इसके अलावा एमसीडी को 24 फिक्स्ड कंपैक्टर ट्रांसफर स्टेशन बनाने के लिए जमीन आवंटित की गई है, जबकि दिल्ली जल बोर्ड को भी कई परियोजनाओं के लिए जमीन मिली है. कुल 8 जगहों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवेज पंपिंग स्टेशन बनाने के लिए जमीन दी गई है. साथ ही 151 नए बोरवेल बनाने की भी मंजूरी मिली है.

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