रोहिणी बिल्डिंग हादसा: 4 मंजिला इमारत ढही, 3 की मौत, रेस्क्यू जारी
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में निर्माणाधीन 4 मंजिला इमारत गिरने से 3 लोगों की मौत। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी।
दिल्ली के रोहिणी इलाके में बुधवार शाम एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. इस दर्दनाक हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ अन्य लोग घायल हुए हैं. बचाव अभियान पूरी रातभर चला. पुलिस के मुताबिक, अब भी कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है.
पुलिस के अनुसार, शाम करीब साढ़े चार बजे इमारत गिरने की सूचना मिली, जिसके बाद दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली नगर निगम (MCD), राजस्व विभाग, एंबुलेंस सेवा, टाटा पावर और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं. सबसे पहले पूरे इलाके को सुरक्षित किया गया और आसपास की इमारतों को एहतियातन खाली कराया गया, ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए.
मलबे से अब तक चार लोगों को बाहर निकाला गया
हादसे के बाद मलबे से अब तक चार लोगों को बाहर निकाला गया. इनमें 42 वर्षीय राम किशोर को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने बताया कि अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है. वहीं, घायलों में 35 वर्षीय रवि, जो पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) का काम करता है, और 32 वर्षीय सद्दाम शामिल हैं. सद्दाम के हाथ और पैर में फ्रैक्चर हुआ है और उनका इलाज बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल में चल रहा है. दो अन्य लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.
रोहिणी के पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि बचाव दल ने मलबे में फंसे एक व्यक्ति तक पहुंचकर उसे पानी पिलाया और सुरक्षित बाहर निकाला. उन्होंने कहा कि टीम पहले से ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पहुंची थी, जिससे फंसे लोगों तक सांस लेने में मदद पहुंचाई जा सकी. एक अन्य व्यक्ति तक भी अस्पताल से मंगवाए गए ऑक्सीजन सिलेंडर के जरिए ऑक्सीजन पहुंचाई गई. रात में अभियान को बिना रुकावट जारी रखने के लिए मौके पर जनरेटर और अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था भी की गई.
पुलिस के अनुसार, इमारत की संपत्ति राम दुआ की पत्नी मंजू और विनोद की पत्नी ऋतिका के संयुक्त स्वामित्व में है. आशंका है कि राम दुआ भी मलबे में फंसे हो सकते हैं. इसके अलावा चार से पांच मजदूरों के दबे होने की संभावना जताई गई है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों को मौके पर भेज दिया गया था. उन्होंने अधिकारियों को बचाव कार्य में तेजी लाने और पीड़ितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. पुलिस ने अभियान को तेज करने के लिए निजी जेसीबी मशीनों और दो हाइड्रा क्रेन की भी मदद ली है. अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने तक राहत अभियान लगातार जारी रहेगा.