दिल्ली के उत्तरी जिले में देर रात भूकंप के झटके, जानें कितनी रही तीव्रता और वजह
दिल्ली के उत्तरी जिले में देर रात 2.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। जानिए दिल्ली-एनसीआर की 3 फॉल्ट लाइनों, सिस्मिक जोन-4 और भूकंप के मुख्य कारणों की पूरी रिपोर्ट।
दिल्ली के उत्तरी जिले (North District) में देर रात रिक्टर स्केल पर 2.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार इस भूकंप का केंद्र दिल्ली का उत्तरी जिला था. इस हल्की तीव्रता के कारण किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है. दिल्ली सिस्मिक जोन-IV (Seismic Zone IV) के अंतर्गत आती है, जो इसे मध्यम से उच्च जोखिम वाला क्षेत्र बनाता है.
बता दें कि 27 जून को दिल्ली और जम्मू कश्मीर समेत नॉर्थ इंडिया के कई राज्यों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे. भूकंप पर नजर रखने वाली भारत सरकार के नोडल एजेंसी, नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने भूकंप की तीव्रता 6.2 दर्ज की. भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था. रिक्टर स्केल पर यह तीव्रता के भूकंप ने वेनेजुएला के भूकंप और फिलीपींस की याद दिला दी थी.
उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके
इससे पहले अप्रैल में दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे. इससे लोगों में दहशत फैल गई. दिल्ली-NCR, चंडीगढ़ समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में झटके महसूस किए गए थे. जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भी जमीन हिलने से लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए थे.
दिल्ली-एनसीआर में तीन फॉल्ट लाइन
नेशनल सेंटर फॉर साइमोलॉजी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में तीन फॉल्ट लाइन हैं. जहां फॉल्ट लाइन होती है, वहीं पर भूकंप का एपिसेंटर बनता है. दिल्ली-एनसीआर में जमीन के नीचे दिल्ली-मुरादाबाद फॉल्ट लाइन, मथुरा फॉल्ट लाइन और सोहना फॉल्ट लाइन हैं.
भूगर्भ वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूकंप की असली वजह टेक्टोनिकल प्लेटों में तेज हलचल होती है. इसके अलावा उल्का प्रभाव, ज्वालामुखी विस्फोट, माइन टेस्टिंग और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर मापी जाती है.