दिवाली और शादी के सीजन से पहले कम कैरेट और हल्के वजन के आभूषणों की मांग तेज

सोने की कीमत डेढ़ लाख प्रति 10 ग्राम पार होने के बाद ग्राहकों ने खरीदारी का तरीका बदल लिया है। हल्के वजन की ज्वेलरी और ओल्ड गोल्ड एक्सचेंज की मांग तेजी से बढ़ रही है।

सोने के दाम आसमान छूते हुए जब करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, तो भारतीय ग्राहकों की खरीदारी की आदतों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। महंगे सोने के इस दौर में अब भारी-भरकम पारंपरिक आभूषणों की जगह हल्के वजन की डिजाइनर ज्वेलरी और कम कैरेट के विकल्पों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है, ताकि ग्राहकों का बजट न बिगड़े।

🔄 पुराने सोने के एक्सचेंज का बढ़ा क्रेज: ज्वैलर्स के यहां 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ी बिक्री, कुछ जगहों पर आंकड़ा पहुंचा 70% तक

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, ऊंची कीमतों के चलते गोल्ड एक्सचेंज (पुराना सोना देकर नया खरीदना) ग्राहकों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन गया है। इससे लोगों को नई ज्वेलरी खरीदते वक्त पूरी नकद रकम खर्च नहीं करनी पड़ती। कई ज्वेलर्स के यहां तो एक्सचेंज के जरिए होने वाली बिक्री में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, और कुछ मामलों में यह हिस्सा बढ़कर 70 फीसदी तक पहुंच गया है।

📊 दिवाली और शादी के सीजन पर टिकी नजर: हालिया दामों के बाद बाजार में फिर लौट रहे हैं ग्राहक

देश में बेंचमार्क सोने की कीमत ₹1,50,540 प्रति 10 ग्राम के आसपास रहने के कारण दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोना ₹1.50 लाख और 22 कैरेट सोना करीब ₹1.375 लाख प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। आने वाले त्योहारी सीजन (दिवाली) और शादियों के सीजन के चलते बाजार में मांग बनी रहने की उम्मीद है, हालांकि अब ग्राहक पूरी तरह से अपनी जेब और बजट को ध्यान में रखकर ही खरीदारी कर रहे हैं।

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