दृष्टिबाधित होने के बावजूद कोकिला कौशिक ने एशियाई पैरा खेलों में रचा इतिहास, जींद और हिसार में जश्न
एशियन पैरा गेम्स में जींद की पैरा जूडो खिलाड़ी कोकिला कौशिक ने 52 किग्रा भारवर्ग में रजत पदक जीता है। हिसार पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया।
हिसार। जापान के नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेलों (Asian Para Games) में पैरा जूडो स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली जींद जिले की कोकिला कौशिक का सोमवार को हिसार में भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। आजाद नगर स्थित कम्युनिटी सेंटर में आयोजित स्वागत समारोह में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, शहरवासियों और ग्रामीणों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। महिलाओं की जे-2 (J-2) कैटेगरी के 52 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में चीन की मजबूत खिलाड़ी यी लियू को हराकर फाइनल में जगह बनाने वाली दृष्टिबाधित कोकिला ने अपनी लगन, कड़ी मेहनत और अटूट संघर्ष के दम पर अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की धाक जमाई है।
🥇 लॉस एंजेलिस पैरालंपिक 2028 और वर्ल्ड गेम्स पर टिकी निगाहें: परिवार ने 50 लाख खर्च कर संवारा खेल करियर, पिता को बेटी पर गर्व
कोकिला कौशिक ने अपनी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना था, हालांकि इस बार रजत मिला है लेकिन वे 2027 के वर्ल्ड गेम्स और 2028 के लॉस एंजेलिस पैरालंपिक (Los Angeles Paralympics) में गोल्ड जीतकर देश का परचम लहराएंगी। उनके पिता कृष्ण कुमार कौशिक, जो शिक्षा विभाग में व्याख्याता हैं, ने बताया कि 2020 में कोरोना काल के दौरान बेटी के खेल करियर को जारी रखने के लिए परिवार ने करीब 50 लाख रुपये खर्च किए। एक समय आर्थिक संकट के चलते मकान बेचने तक की नौबत आ गई थी, लेकिन खेल विभाग द्वारा मिले नकद पुरस्कार और बेटी के रिकॉर्ड 10 राष्ट्रीय स्वर्ण पदकों व अंतरराष्ट्रीय सफलताओं ने परिवार की हिम्मत बढ़ाई।