1 नवंबर की महारैली बनाम बीजेपी का ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान, हरियाणा में सियासी घमासान तेज

1 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस की महारैली और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अभियान के जवाब में बीजेपी ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान की रणनीति तैयार की है।

चंडीगढ़। हरियाणा में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक घमासान चरम पर पहुंच गया है। एक तरफ कांग्रेस ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत 1 नवंबर को दिल्ली में इंडिया गठबंधन के साथ महारैली की पुरजोर तैयारी कर रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, उनकी गिरफ्तारी और फैसलों की समीक्षा की मांग को लेकर कांग्रेस आक्रामक मोड में है। हरियाणा प्रदेश प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा लगातार बैठकें कर रहे हैं। हुड्डा ने बुधवार 28 अक्टूबर को दिल्ली स्थित अपने आवास पर पार्टी विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं की विशेष बैठक बुलाई है, ताकि दिल्ली रैली में हरियाणा से अधिक से अधिक भीड़ जुटाई जा सके।

⚔️ बीजेपी का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान: 5 नवंबर को अमित शाह की करनाल में पदयात्रा और प्रदेशभर में पीसी

कांग्रेस के आक्रामक रुख का मुकाबला करने के लिए बीजेपी ने भी अपनी रणनीति पूरी तरह तैयार कर ली है। पार्टी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत प्रदेशभर में मैदान में उतर रही है। इस अभियान के तहत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 5 नवंबर को करनाल आ रहे हैं, जहां वे एक बड़ी पदयात्रा में शिरकत करेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के अनुसार, 26 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री प्रदेशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस (पत्रकार वार्ता) कर तथ्यों के आधार पर कांग्रेस के दावों की पोल खोलेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों पार्टियों के इन अभियानों से हरियाणा में सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है।

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