दोनों वाई-फाई राऊटर में क्या अंतर है? जानिए आपके घर के लिए कौन सा रहेगा बेस्ट

घर के लिए कौन सा वाई-फाई राउटर खरीदें? जानिए डुअल-बैंड और ट्राई-बैंड राउटर में अंतर, स्पीड और सही चुनाव की पूरी जानकारी।

आज के समय में घर में इंटरनेट से जुड़े डिवाइस की कमी नहीं है. स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, गेमिंग कंसोल से लेकर स्मार्ट होम डिवाइस तक, कई गैजेट एक साथ Wi-Fi पर चलते हैं. ऐसे में अच्छा Wi-Fi Router होना काफी जरूरी हो जाता है. Router खरीदते समय आपने डुअल-बैंड और ट्राई बैंड जैसे शब्द जरूर सुने होंगे. लेकिन इनमें फर्क क्या है और आपके घर के लिए कौन सा Router सही रहेगा? चलिए आपको इसके बारे में आसान भाषा में समझाते हैं.

डुअल-बैंड राउटर क्या होता है?

डुअल-बैंड राउटर दो अलग वाई-फ़ाई फ़्रीक्वेंसी बैंड पर काम करता है. इनमें 2.4GHz और 5GHz शामिल हैं. दोनों की अपनी अलग खूबियां हैं. 2.4GHz बैंड की सबसे बड़ी खासियत इसकी ज्यादा रेंज है. इसका सिग्नल दीवारों को पार करके अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से दूसरे कमरों तक पहुंच सकता है. हालांकि, इसकी स्पीड 5GHz के मुकाबले कम हो सकती है और इसमें दूसरे वायरलेस डिवाइस की वजह से इंटरफेरेंस भी ज्यादा देखने को मिलता है. वहीं 5GHz बैंड ज्यादा तेज स्पीड देने में सक्षम होता है. इसमें आमतौर पर इंटरफेरेंस भी कम रहता है. लेकिन इसकी रेंज 2.4GHz के मुकाबले कम होती है, खासकर जब बीच में कई दीवारें हों.

अगर आपके घर में सामान्य ब्राउज़िंग, सोशल मीडिया, वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन क्लास या वर्क फ्रॉम होम जैसे काम होते हैं, तो अच्छा डुअल-बैंड राउटर काफी हो सकता है.

ट्राई बैंड राउटर में क्या अलग है?

ट्राई बैंड राउटर में दो की जगह तीन वाई-फ़ाई बैंड होते हैं. आम तौर पर इसमें एक 2.4GHz और दो 5GHz bands मिलते हैं. हालांकि, नए वाई-फ़ाई स्टैंडर्ड्स वाले कुछ राउटर में बैंड का सेटअप अलग भी हो सकता है.ट्राई बैंड राउटर का असली फायदा तब सामने आता है जब एक ही Wi-Fi नेटवर्क से बहुत सारे डिवाइस जुड़े हों. अलग-अलग डिवाइस को अलग बैंड पर कनेक्ट करने से नेटवर्क पर पड़ने वाला दबाव कम किया जा सकता है. इससे कई डिवाइस एक साथ इंटरनेट इस्तेमाल करते समय नेटवर्क ज्यादा smoothly काम कर सकता है.

क्या ट्राई बैंड का मतलब 3 गुना स्पीड है?

नहीं. यह एक आम गलतफहमी है. ट्राई बैंड राउटर खरीदने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपके इंटरनेट की स्पीड तीन गुना हो जाएगी.मान लीजिए आपका इंटरनेट प्लान 200Mbps का है. सिर्फ ट्राई बैंड राउटर लगाने से यह स्पीड 600Mbps नहीं हो जाएगी. राउटर आपके इंटरनेट प्लान की तय स्पीड को अपने आप नहीं बढ़ा सकता.

ट्राई बैंड का फायदा ज्यादा डिवाइस वाले नेटवर्क में बेहतर कैपेसिटी और कम कंजेशन के रूप में मिलता है. उदाहरण के लिए, घर में एक व्यक्ति 4K वीडियो देख रहा है, दूसरा ऑनलाइन गेम खेल रहा है और साथ में कई स्मार्ट डिवाइस भी इंटरनेट पर चल रहे हैं. ऐसी स्थिति में ट्राई बैंड राउटर ज्यादा काम आ सकता है.

किसके लिए डुअल-बैंड राउटर सही है?

अगर आपका घर छोटा या मीडियम साइज का है और एक साथ बहुत ज्यादा डिवाइस Wi-Fi से कनेक्ट नहीं रहते, तो डुअल-बैंड राउटर एक ऑप्शन है. इसकी कीमत भी आमतौर पर ट्राई बैंड मॉडल से कम हो सकती है. इंटरनेट ब्राउजिंग, फुल एचडी या 4K स्ट्रीमिंग, वीडियो कॉल, वर्क फ्रॉम होम और कैजुअल गेमिंग जैसे स्मार्टफोंस के लिए एक अच्छा डुअल-बैंड राउटर सपोर्ट हो सकता है.

किसे ट्राई बैंड राउटर खरीदना चाहिए?

अगर घर में लगातार कई उपकरण, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, टीवी कैमरे, स्मार्ट होम टैबलेट और गेमिंग डिवाइस जुड़े हुए हैं, तो ट्राई-बैंड राउटर बेहतर ऑप्शन हो सकता है. बड़े घर या बड़े पैमाने पर इंटरनेट का उपयोग करने वाले परिवार में इसका लाभ विशेष रूप से देखने को मिल सकता है.

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