नए नोएडा के लिए अगले महीने से गांवों में लगेंगे शिविर, आपसी सहमति से जमीन अधिग्रहण की तैयारी
नए नोएडा के लिए अगले महीने से गांवों में लगेंगे शिविर। आपसी सहमति से जमीन अधिग्रहण की तैयारी शुरू।
नोएडा प्राधिकरण नए नोएडा के लिए जमीन अधिग्रहण को अगले महीने से गांवों में शिविर लगाएगा। इनके माध्यम से किसानों से आपसी सहमति से जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही वहां पर प्राधिकरण का नया दफ्तर भी खोल दिया जाएगा। इसको लेकर प्राधिकरण ने तैयारी शुरू कर दी है।
प्राधिकरण ने जमीन लेने से पहले संबंधित गांवों के प्रधानों और लोगों से बातचीत शुरू कर दी है। पिछले सप्ताह ही एसीईओ पुष्पराज सिंह ने करीब 15 गांवों के प्रधानों और लोगों के साथ सेक्टर-96 स्थित प्राधिकरण के दफ्तर में बैठक की थी। बैठक में किसानों को बताया गया कि इस महीने के अंत तक शासन से मुआवजा दरों पर मंजूरी होकर आ जाएगी। मुआवजा दरों को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। दरें मंजूर होते ही गांवों में शिविर लगाकर आपसी सहमति से जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। किसानों को जमीन देने से लेकर मुआवजा लेने तक के किसी भी काम के लिए नोएडा तक नहीं आना होगा।
प्राधिकरण के अधिकारी खुद किसानों के पास तक जाएंगे ताकि उनको किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि लेखपाल नए नोएडा के गांवों से जुड़ी तहसीलों में जाकर खसरा-खतौनी से संबंधित डाटा इकट्ठा कर रहे हैं।
वर्तमान मुआवजा दर पर जमीन लेना आसान नहीं
प्राधिकरण के अधिकारियों ने इसी महीने जिन मुआवजा रेट को मंजूरी दी है, उस दर पर नए नोएडा के किसान जमीन देन के लिए बिलकुल तैयार नहीं हैं। एसीईओ के साथ हुई बैठक में किसानों ने साफ तौर पर कह दिया कि मुआवजा राशि को बढ़ाया जाए। वे इस रेट पर जमीन नहीं देंगे। नए नोएडा को चार चरणों में बसाया जाना है। फेज वन और टू के गांव ग्रेनो क्षेत्र से लगे हुए हैं। ऐसे में इन गांवों में ग्रेटर नोएडा के बराबर मुआवजा और छह प्रतिशत कोटे का भूखंड दिया जाएगा। तीसरे और चौथे चरण में नए नोएडा के जिन गांवों का अधिग्रहण होना है, वह यमुना क्षेत्र से सटे हैं। ऐसे में इन गांवों को यमुना के बराबर मुआवजे के अलावा कोटे का सात प्रतिशत का प्लॉट दिया जाएगा।
यह परियोजना चार चरणों में विकसित होगी
दादरी और बुलंदशहर के 80 गांवों की जमीन पर नया नोएडा बसाया जाना है। यह चार चरणों में विकसित किया जाना है। पहले चरण में 2027 तक 3165 हेक्टेयर, दूसरे चरण में वर्ष 2032 तक 3798, तीसरे चरण में 2037 तक 5908 और चौथे चरण में 8230 हेक्टेयर जमीन पर परियोजना प्रस्तावित है। चौथा चरण 2041 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्राधिकरण के ओएसडी हर्षिता तिवारी का कहना है कि नए नोएडा में जमीन अधिग्रहण के लिए अक्तूबर से गांवों में शिविर लगाने की तैयारी है। बोर्ड बैठक में मुआवजा दर तय हो चुकी है। शासन से मंजूरी मिलते ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।