नारायणगढ़ नाबालिग सुसाइड केस: पुलिस पर गंभीर आरोप; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

नारायणगढ़ नाबालिग आत्महत्या मामले में नया मोड़। परिजनों ने हरियाणा और हिमाचल पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल। जीरो एफआईआर दर्ज, जानें क्या है वायरल वीडियो का सच।

नारायणगढ़ : नाबालिग युवती की आत्महत्या से जुड़े मामले में सामने आए एक वीडियों ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया हैं। आत्महत्या के बाद परिजनों की शिकायत पर हिमाचल पुलिस ने जीरो एफ.आई.आर. दर्ज की। इसके बाद पीड़िता के परिजन हिमाचल प्रदेश के एस. पी. से मिले और मीडिया के सामने अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने हरियाणा पुलिस के एक अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं इस मामले में हिमाचल प्रदेश की कालाआम्ब पुलिस थाने और हरियाणा के सढौरा थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। अब मामला केवल आरोपियों तक सीमित नहीं रह गया बल्कि शुरूआती स्तर पर पुलिस की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है।

परिजनों के अनुसार आरोपियों के चंगुल से निकलने के बाद दोनों बहनें सबसे पहले हिमाचल प्रदेश की कालाआम्ब पुलिस थाने पहुंची थीं। वहां उन्होंने अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी थी। आरोप है कि इसके बावजूद उनकी शिकायत पर तत्काल मामला दर्ज नहीं किया गया और उन्हें सढौरा थाने भेज दिया गया। आरोप है कि वहां भी उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों का कहना है कि सढौरा पुलिस ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए उन्हें हिमाचल की कालाआम्ब चौकी पुलिस चौकी भेज दिया। इस दौरान दोनों बहनों को न्याय के लिए लगातार भटकना पड़ा।

मृतका की बहन द्वारा दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कालाआम्ब पुलिस चौकी में एक पुलिस कर्मचारी ने उसकी बहन को अलग कमरे में बैठाया था। शिकायत के अनुसार करीब 40 से 45 मिनट बाद जब उसकी बहन बाहर आई तो वह डरी हुई और मानसिक रूप से परेशान दिखाई दे रही थी। बहन का आरोप है कि बाद में मृतका ने उसे बताया था कि पुलिस कर्मचारी ने उसके साथ अनुचित व्यवहार किया और इस बारे में किसी को कुछ न बताने की बात कही थी। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। इस मामले में नारायणगढ़ थाना प्रभारी ललित शर्मा ने कहा कि हिमाचल से जीरो एफ, आई. आर. प्राप्त होने पर मुकद्दमा दर्ज कर दिया गया है।

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