निजीकरण के विरोध के बीच मुख्यमंत्री नायब सैनी और ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बुलाई अहम बैठक, जल्द मिल सकती है राहत

हरियाणा में बिजली संकट को दूर करने के लिए सीएम नायब सिंह सैनी और ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने हड़ताली कर्मचारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक शुरू कर दी है।

हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से गहराते बिजली संकट और कर्मचारियों की हड़ताल को समाप्त करने के लिए सरकार ने अब सीधी दखलंदाजी शुरू कर दी है। राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अचानक पंचकूला के पीडब्ल्यूडी (PWD) रेस्ट हाउस पहुंचे। यहाँ पहले से ही ऊर्जा मंत्री अनिल विज और बिजली कर्मचारी नेताओं के बीच बैठक चल रही थी, जिसमें अब सीएम नायब सैनी ने भी शिरकत कर ली है। मुख्यमंत्री के इस सीधे हस्तक्षेप से राज्यभर में हड़ताल और बिजली-पानी की किल्लत से जूझ रही जनता को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद बंध गई है।

🔍 निजीकरण के फैसले पर फंसा है पेंच: गुरुग्राम-नूंह में बिजली वितरण के विरोध के बीच मुख्यमंत्री की मौजूदगी से समाधान की जगी आस

बीते कुछ दिनों से सोनीपत, गुरुग्राम और नूंह समेत कई जिलों में बिजली और पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का ठेका निजी कंपनियों को सौंपने के विरोध में बिजली कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे आम नागरिक और उद्योगपति खासे परेशान हैं। हालात की गंभीरता को भांपते हुए मुख्यमंत्री के खुद इस मैराथन बैठक में शामिल होने के बाद अब पूरे प्रदेश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और कर्मचारियों के बीच इस गतिरोध का क्या सकारात्मक परिणाम निकलता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.