नोएडा में एयरपोर्ट जॉब फ्रॉड का पर्दाफाश; हेल्पर और इलेक्ट्रिशियन के नाम पर 250 से ज्यादा लोगों को ठगने वाली युवती गिरफ्तार
नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर 250 से अधिक लोगों से 25 लाख की ठगी करने वाली असम की युवती को गिरफ्तार किया है।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बेरोजगार युवाओं को हवाई अड्डे (एयरपोर्ट) में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर बड़े पैमाने पर ठगी करने वाली एक शातिर युवती को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवती हेल्पर, इलेक्ट्रिशियन और अन्य अलग-अलग पदों पर नियुक्ति का भरोसा देकर अब तक 250 से अधिक लोगों से रकम ऐंठ चुकी है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह लोगों से ठगी के जरिए 25 लाख रुपये से अधिक की रकम वसूल चुकी है।
🔍 असम की रहने वाली है आरोपी ब्यूटी बोरबोरह, लॉजिक्स ब्लॉसम सोसाइटी में बना रखा था ठिकाना
साइबर पुलिस द्वारा पकड़ी गई आरोपी युवती की पहचान असम निवासी ब्यूटी बोरबोरह उर्फ निशा के रूप में हुई है। वह वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-143 स्थित लॉजिक्स ब्लॉसम सोसाइटी में किराए पर रह रही थी:
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बरामदगी: पुलिस ने कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से एक लैपटॉप और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
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डिजिटल साक्ष्य: जब्त किए गए गैजेट्स की तकनीकी जांच में पुलिस को बड़े पैमाने पर ठगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और बैंक लेनदेन की जानकारियां हाथ लगी हैं।
🌐 सोशल मीडिया और फर्जी कंपनी का जाल: ऐसे फंसाती थी मासूम युवाओं को
साइबर क्राइम थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी युवती ने लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची थी:
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साइन एजुकेशन कंपनी: उसने ‘साइन एजुकेशन’ नाम से एक फर्जी कंपनी बना रखी थी।
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सोशल मीडिया पेज: इसी कंपनी के बैनर तले सोशल मीडिया पर ‘प्लेसमेंट इंडिया’ नाम से एक सक्रिय पेज चलाया जा रहा था। एयरपोर्ट में नौकरी की तलाश करने वाले बेरोजगार युवक-युवती इस पेज पर दिए गए मोबाइल नंबर के जरिए उससे संपर्क करते थे।
📄 विश्वास जीतने के लिए भेजती थी फर्जी नियुक्ति पत्र, फिर बंद कर देती थी बातचीत
अभ्यर्थियों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी शातिर तरीके अपनाती थी:
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फर्जी ऑफर लेटर: संपर्क करने वाले युवकों को विश्वास दिलाने के लिए उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) भेजे जाते थे।
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रकम ऐंठने का खेल: इसके बाद पंजीकरण (Registration) और ऑनलाइन प्रशिक्षण (Online Training) को अनिवार्य बताते हुए अभ्यर्थियों से 20 हजार से 40 हजार रुपये तक बैंक खातों में ऑनलाइन जमा कराए जाते थे।
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नंबर ब्लॉक करना: जैसे ही ठगी की पूरी रकम उसके खाते में पहुंचती थी, युवती संबंधित अभ्यर्थी से बातचीत पूरी तरह बंद कर देती और नंबर ब्लॉक कर देती थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों की तलाश में जुट गई है।